
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में उर्वरक की कालाबाजारी और तय कीमत से अधिक दाम वसूलने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पोड़ाहाट अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी के नेतृत्व में शनिवार को चक्रधरपुर के कई उर्वरक एवं बीज प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। प्रशासनिक टीम की इस अचानक कार्रवाई से पूरे बाजार और दुकानदारों के बीच अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।
कार्रवाई के दौरान पोड़ाहाट एसडीओ ने पुरानी रांची रोड स्थित बालाजी उर्वरक खाद भंडार और पोटका स्थित रास खाद-बीज भंडार सहित विभिन्न दुकानों का सघन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने दुकानों में भौतिक रूप से उपलब्ध उर्वरक के स्टॉक का मिलान पीओएस (POS) मशीन में दर्ज आंकड़ों से किया। इसके अतिरिक्त, दुकानों के बिक्री रजिस्टर, लाइसेंस की वैधता और बीज के पैकेटों पर अंकित एक्सपायरी तिथि की भी बारीकी से पड़ताल की गई। बालाजी उर्वरक सहित कुछ अन्य प्रतिष्ठानों से बीज के नमूने जब्त कर गुणवत्ता की जांच के लिए प्रयोगशाला (लैब) भेजे गए हैं।
गौरतलब है कि क्षेत्र के किसान लगातार शिकायत कर रहे थे कि सरकारी स्तर पर 266 रुपये प्रति बोरी निर्धारित यूरिया को बाजार में 500 रुपये से भी अधिक ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। यूरिया की इस कालाबाजारी के विरोध में हाल ही में चाईबासा में किसानों ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन भी किया था। किसानों के इसी आक्रोश को देखते हुए जिला प्रशासन ने यह विशेष अभियान शुरू किया है।
प्रशासनिक दबिश की भनक मिलते ही शहर के कई खाद-बीज विक्रेता अपनी दुकानों के शटर गिराकर मौके से फरार हो गए। एसडीओ ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया कि किसानों को तय सरकारी दरों पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। कालाबाजारी, जमाखोरी या गुणवत्ता से खिलवाड़ करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह जांच अभियान आने वाले दिनों में भी निरंतर जारी रहेगा।
इस औचक निरीक्षण अभियान में एसडीओ के साथ दंडाधिकारी जीतेंद्र गुप्ता, प्रखंड विकास पदाधिकारी कांचन मुखर्जी, अंचलाधिकारी सुरेश कुमार सिन्हा तथा प्रखंड कृषि पदाधिकारी दिलीप कुमार महतो समेत कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

