
सिमडेगा : रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को अपना शिकार बनाने वाले एक शातिर ठग गिरोह का सिमडेगा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ‘भिएसके फाउंडेशन’ नाम की एक फर्जी संस्था चलाकर लोगों को अलग-अलग पदों पर नौकरी देने और उनसे सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर पैसे ऐंठने वाले इस गिरोह के सरगना सहित कुल छह सदस्यों को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
करोड़ों रुपये के हेरफेर का अनुमान
शुरुआती तफ्तीश में जो सच सामने आया है, वह हैरान करने वाला है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, इस जालसाज गिरोह ने नौकरी का सपना दिखाकर सैकड़ों सीधे-साधे लोगों से अब तक करोड़ों रुपये ऐंठ लिए हैं। पुलिस फिलहाल मामले की तह तक जाने के लिए जांच का दायरा बढ़ा रही है।
पीड़ितों से पुलिस की अपील- सामने आएं और जमा करें कागजात
मामले को मजबूत बनाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए सिमडेगा पुलिस ने आम जनता से सहयोग मांगा है। पुलिस प्रशासन ने अपील की है कि अगर इस तथाकथित संस्था के झांसे में आकर किसी ने भी पैसे दिए हैं, तो वे तुरंत अपने दस्तावेज जमा कराएं।
पीड़ित लोग अपनी जमा राशि की रसीदें, मिले हुए वेतन या बकाया मानदेय के कागज और अपना कोई भी वैध पहचान पत्र लेकर सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सिमडेगा में डीएसपी (मुख्यालय) के पास जमा कर सकते हैं।
साक्ष्यों के आधार पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ितों द्वारा दिए गए सबूतों और दस्तावेजों का पूरी तरह से मिलान किया जाएगा। इसके बाद कानूनी शिकंजा और कड़ा करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि यदि उनके पास इस ठगी से जुड़ा कोई भी अन्य सुराग या सबूत हो, तो उसे तुरंत पुलिस के साथ साझा करें।
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