
एसआईआर : बीएलए के जरिए पात्र मतदाताओं की पहचान में सहयोग की अपील
सीईओ के. रवि कुमार ने बैठक के दौरान पेनड्राइव के माध्यम से दिया डेटा
रांची : एसआईआर-2026 के तहत नो-मैपिंग और मतदाता सूची की विसंगतियों से जुड़े बूथवार डेटा मंगलवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराया गया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने निर्वाचन सदन में हुई बैठक के दौरान पेनड्राइव के माध्यम से यह डेटा दलों के प्रतिनिधियों को दिया। उनसे इसे अपने बीएलए और बीएलए-2 के साथ साझा करने को कहा गया।
डेटा में उन मतदाताओं की बूथवार जानकारी है, जिन्हें नो-मैपिंग या विभिन्न विसंगतियों के कारण नोटिस जारी किए गए थे। इनमें कई मतदाता ईआरओ की सुनवाई में जरूरी दस्तावेज जमा कर चुके हैं। वहीं, कुछ ऐसे भी हैं, जिनका नाम 2024 की मतदाता सूची में था और जिन्होंने इन्यूमरेशन फॉर्म भरा है, लेकिन नोटिस की सुनवाई में उपस्थित नहीं हो सके।
आयोजित किए जाएंगे विशेष कैंप
ऐसे मतदाताओं की पहचान कर आउटरीच कार्यक्रम और विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। जरूरत के अनुसार ईआरओ और अन्य पदाधिकारी उनकी वास्तविक स्थिति का सत्यापन करेंगे और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
के. रवि कुमार ने पीवीटीजी, दिव्यांगजन, जनजातीय समूह, वृद्ध मतदाता और माता-पिता का विवरण उपलब्ध नहीं होने वाले मतदाताओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि एसआईआर-2026 का लक्ष्य सभी पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना है। इसके लिए राजनीतिक दलों से सक्रिय सहयोग की अपील की गई है।

