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Chaibasa News : खेल अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना तथा व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम : डॉ. एमएम सिंह

सूरजमल जैन डीएवी पब्लिक स्कूल में संकुल स्तरीय डीएवी स्पोर्ट्स टूर्नामेंट आयोजित, तीन जिले के लगभग 150 प्रतिभागियों ने लिया भाग

by Hari Shankar Gope
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चाईबासा : स्थानीय सूरजमल जैन डीएवी पब्लिक स्कूल में झारखंड जोन-1 के अंतर्गत संकुल स्तरीय डीएवी स्पोर्ट्स टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। इसमें बिष्टुपुर, एनआईटी, चाईबासा, झींकपानी, नोवामुंडी, चिरिया तथा बहरागोड़ा समेत कुल 7 डीएवी विद्यालयों के लगभग 150 प्रतिभागियों ने इन प्रतियोगिताओं में भाग लिया। इसी उद्देश्य से विद्यालय में संकुल स्तरीय डीएवी स्पोर्ट्स का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने आकर्षक मार्च-पास्ट, समूहगान तथा योग प्रदर्शन प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया। प्रतियोगिता के विजेताओं को अतिथियों के हाथों पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद कोल्हान विश्वविद्यालय के खेल निदेशक डॉ. एमएम सिंह ने वैश्विक परिदृश्य में खेलों के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना तथा व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम हैं। कार्यक्रम का मंच संचालन सुधा सिंह एवं ईशिका कुमारी ने किया। मेजबान विद्यालय की ओर से योग, शतरंज, तीरंदाजी तथा बैडमिंटन प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया, जिसमें खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

खेल चरित्र निर्माण, अनुशासन और स्वस्थ जीवन का आधार : प्राचार्य

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य सह एआरओ ओपी मिश्रा ने कहा कि यह प्रतियोगिता तीन जिलों के प्रतिभागियों का संगम है। खेल केवल जीत-हार का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, अनुशासन और स्वस्थ जीवन का आधार हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड के कुल दस संकुलों में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। डीएवी स्पोर्ट्स के अंतर्गत सर्वप्रथम संकुल स्तरीय, उसके बाद राज्य स्तरीय तथा अंततः राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं। उन्होंने कहा कि समय के साथ प्रत्येक खेल में सकारात्मक बदलाव आए हैं और खिलाड़ियों को बदलती तकनीकों के अनुरूप स्वयं को तैयार करना चाहिए। इस अवसर पर समाज सेवी सुरेश प्रसाद सिंह, अभिषेक दोदराजका, विक्रम खिरवाल तथा पर्यवेक्षक के रूप में डीएवी चिरिया के प्राचार्य डीके पाणिनी उपस्थित रहे। प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका बसंत खंडेलवाल, सुनील प्रजापति, सुशील पूर्ति, अर्जुन महाकुड़ सहित अन्य विशेषज्ञों ने निभाई।

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