
जमशेदपुर : काम का दबाव, लगातार आती सूचनाएं और रोजमर्रा की चिंताएं कई बार मन को बेचैन कर देती हैं। ऐसे समय में सांसों पर कुछ मिनट ध्यान देना खुद को संभालने का सरल तरीका हो सकता है। 15 सितंबर 2026 को प्रकाशित एक स्वास्थ्य लेख में चार ब्रीदिंग अभ्यास बताए गए हैं, जिन्हें अपनी सुविधा के अनुसार किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, धीमी और सहज सांस लेना तनाव के समय राहत महसूस करने में मदद कर सकता है। एनएचएस भी तनाव कम करने के लिए आराम से सांस लेने का अभ्यास सुझाता है।
पेट तक सांस पहुंचाने पर दें ध्यान
पहला तरीका ‘डीप बेली ब्रीदिंग’ है। आराम से बैठकर एक हाथ छाती और दूसरा पेट पर रखें। नाक से धीरे-धीरे सांस लेते समय पेट की हलचल महसूस करें और फिर सहज गति से सांस छोड़ें। इसका उद्देश्य सांस को जबरदस्ती लंबा करना नहीं, बल्कि उसकी गति पर ध्यान देना है। शुरुआत में कुछ मिनट पर्याप्त हैं। एनएचएस के अनुसार, सांस उतनी ही गहरी लें जितनी आरामदायक लगे।
गिनती के साथ सांस लेने का अभ्यास
दूसरा तरीका ‘4-4-4’ ब्रीदिंग कहलाता है। इसमें चार गिनती तक सांस ली जाती है, चार गिनती तक रोकी जाती है और चार गिनती तक छोड़ी जाती है। नियमित गिनती से ध्यान भटकने की जगह सांस की लय पर टिक सकता है। यदि सांस रोकना असहज लगे, तो रुकने की अवधि घटाएं या केवल धीरे-धीरे सांस लें और छोड़ें। अभ्यास को सहज रखना अधिक जरूरी है।
बारी-बारी से दोनों नथुनों का उपयोग
तीसरा अभ्यास अनुलोम-विलोम है। इसमें एक नथुने से सांस लेकर दूसरे से छोड़ी जाती है और फिर क्रम बदला जाता है। इसे करते समय सांस तेज खींचने या छोड़ने से बचें। शांत जगह पर बैठकर अपनी सामान्य, आरामदायक गति बनाए रखें। यह तरीका सांस के साथ ध्यान जोड़ने का अवसर देता है, हालांकि इसे किसी बीमारी के इलाज के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।
सोने से पहले आजमा सकते हैं ‘4-7-8’
चौथे अभ्यास में चार गिनती तक सांस लेना, सात गिनती तक रोकना और आठ गिनती तक छोड़ना शामिल है। कुछ लोग इसे रात में आराम करने के लिए अपनाते हैं। हर व्यक्ति के लिए लंबी अवधि तक सांस रोकना सहज नहीं होता, इसलिए चक्कर या बेचैनी महसूस होने पर अभ्यास रोक दें। ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन ने भी इस तकनीक को तनाव के समय आजमाए जाने वाले सांस अभ्यासों में शामिल किया है।
इन अभ्यासों की शुरुआत कम समय से करें और सांस को स्वाभाविक रखें। तनाव लगातार बना रहे या सांस लेने में परेशानी हो, तो केवल ब्रीदिंग अभ्यास पर निर्भर रहने के बजाय स्वास्थ्य पेशेवर से सलाह लें।

