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Jamshedpur News : दूसरी तिमाही में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद, बिक्री बढ़ने से सुधरेंगे नतीजे : टी.वी. नरेंद्रन

पहली तिमाही में कीमतों में बढ़ोतरी से मुनाफा रहा स्थिर, दूसरी तिमाही में बिक्री बढ़ने से एबिटा में सुधार की उम्मीद

by Arvind Shrivastava
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Jamshedpur : टाटा स्टील के वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे घोषित होने के बाद कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी टी. वी. नरेंद्रन ने कहा है कि दूसरी तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन पहली तिमाही की तुलना में बेहतर रहने की उम्मीद है। उनका कहना है कि भारत, ब्रिटेन और नीदरलैंड में बिक्री बढ़ने से कंपनी के वित्तीय नतीजों में सुधार देखने को मिलेगा।

पहली तिमाही में बिक्री घटी, लेकिन कीमतों ने संभाला मुनाफा

नरेंद्रन ने बताया कि क्रमिक आधार पर पहली तिमाही में राजस्व घटने की मुख्य वजह बिक्री की मात्रा में कमी रही। हालांकि भारत में प्रति टन स्टील का औसत बिक्री मूल्य चौथी तिमाही की तुलना में करीब 6,000 रुपये अधिक रहने से मुनाफा लगभग स्थिर बना रहा। वहीं, नीदरलैंड में डायरेक्ट शीट प्लांट (डीएसपी) बंद रहने से कारोबार प्रभावित हुआ, जबकि ब्रिटेन में पिछली तिमाही की तुलना में प्रदर्शन बेहतर रहा।

 दूसरी तिमाही में बिक्री बढ़ेगी, एबिटा होगा मजबूत

उन्होंने कहा कि दूसरी तिमाही में भारत में स्टील की कीमतें पहली तिमाही की तुलना में लगभग 1,500 रुपये प्रति टन कम रह सकती हैं और कोयले की लागत करीब 5 डॉलर प्रति टन बढ़ने की संभावना है। इसके बावजूद बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे भारत में एबिटा पहली तिमाही से बेहतर रहेगा।

ब्रिटेन में घटेगा घाटा, लेकिन कच्चे माल की लागत बढ़ेगी

नरेंद्रन के अनुसार ब्रिटेन में भी प्रदर्शन में सुधार जारी रहेगा और एबिटा का घाटा और कम होगा। दूसरी तिमाही में स्टील की कीमतें लगभग 80 पाउंड प्रति टन बढ़ने का अनुमान है। हालांकि भारत, नीदरलैंड और खुले बाजार से स्लैब तथा हॉट रोल्ड कॉइल (एचआरसी) खरीदने के कारण कच्चे माल की लागत भी बढ़ेगी, जिससे कीमतों में बढ़ोतरी का पूरा लाभ कंपनी के मुनाफे में नहीं दिखेगा।

नीदरलैंड में प्रदूषण मामले पर कंपनी ने दी सफाई

नीदरलैंड के आईजेमुइडेन संयंत्र के खिलाफ वायु प्रदूषण से जुड़े मामले पर कंपनी के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी कौशिक चटर्जी ने कहा कि यह मामला वर्ष 2020 से 2023 के बीच कोक ओवन से होने वाले ‘ग्रीन पुश’ उत्सर्जन से संबंधित है। उन्होंने बताया कि निर्धारित सीमा से अधिक उत्सर्जन होने पर कंपनी ने नियमानुसार जुर्माना अदा किया था। पिछले तीन वर्षों में कोक ओवन में व्यापक सुधार किए गए हैं और ‘ग्रीन पुश’ की घटनाओं को काफी हद तक कम किया गया है। उन्होंने कहा कि कंपनी पर्यावरणीय मानकों और नियमों के पालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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