
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय परिसर में मंगलवार को जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जन-सुनवाई (जनता दरबार) का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के सुदूर इलाकों से पहुंचे ग्रामीणों एवं नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक तथा बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों और मांगों को उपायुक्त के समक्ष रखा। जनता दरबार के दौरान कई अहम मुद्दों पर आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें प्रमुख रूप से भूमि एवं राजस्व में जमीन और लीज बंदोबस्ती से जुड़े मामले, सरकारी योजनाएं, मंईयां सम्मान योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन (PDS) और आवास योजनाओं के आवेदन। इसके अलावा प्रशासनिक सुधार में सेवा पुस्तिका में संशोधन, पारिवारिक सूची में नाम जुड़वाने व त्रुटि सुधार आदि। विकास कार्य के तहत स्थानीय सड़कों का निर्माण एवं मरम्मत कार्य से जुड़ी समस्याओं पर भी आवेदन प्राप्त हुए।
ऑन-द-स्पॉट समाधान और कड़े निर्देश
मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने एक-एक कर सभी आवेदनों का अवलोकन किया। कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया, जबकि शेष आवेदनों को समय-सीमा तय करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के लिए भेजा गया।
उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि जनता दरबार में मिलने वाले हर आवेदन को गंभीरता से लिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के बेवजह चक्कर न काटने पड़ें।
जनता दरबार नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधे संवाद की एक मजबूत कड़ी
आम जनता की समस्याओं का पारदर्शी और समयबद्ध समाधान जिला प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। जनता दरबार नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधे संवाद की एक मजबूत कड़ी है, जिससे लोग बिना किसी बिचौलिए के अपनी बात रख पाते हैं।
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