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Chaibasa News : भारी बारिश के बीच संजय नदी के बढ़ते जलस्तर का उपायुक्त ने किया निरीक्षण

नदी एवं तटीय क्षेत्रों में आमजनों के प्रवेश पर विशेष सतर्कता, सभी अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश

by Rajeshwar Pandey
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चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश के कारण जिले की विभिन्न नदियों एवं जलस्रोतों के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। मौसम की वर्तमान स्थिति एवं संभावित जलजमाव तथा बाढ़ जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सभी संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी एवं एहतियाती तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। इसी क्रम में जिला उपायुक्त मनीष कुमार ने मंगलवार को चक्रधरपुर पुरानी बस्ती स्थित सीढ़ी घाट पहुंचकर संजय नदी के जलस्तर एवं आसपास के क्षेत्रों की स्थिति का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी तथा चक्रधरपुर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विजय कुमार हंसदा मौजूद रहे। उपायुक्त ने स्थल पर पहुंचकर संजय नदी के वर्तमान जलस्तर, नदी के आसपास की भौगोलिक स्थिति तथा तटीय क्षेत्र में बारिश के प्रभाव का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों से नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि एवं क्षेत्र की वर्तमान स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

 नदियों के जलस्तर में वृद्धि को लेकर प्रशासन सतर्क

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है। ऐसी स्थिति में प्रशासन की प्राथमिकता आमजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान नदी एवं अन्य जलस्रोतों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है तथा जलधारा का बहाव भी अचानक तेज हो सकता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि वर्तमान मौसम की स्थिति को देखते हुए लोग अनावश्यक रूप से नदी, नाला, जलाशय एवं अन्य जलस्रोतों के आसपास न जाएं। विशेष रूप से अभिभावक अपने बच्चों एवं परिवार के अन्य सदस्यों को नदी के किनारे जाने से रोकें। उन्होंने कहा कि नदी अथवा तटीय क्षेत्र में किसी प्रकार की गतिविधि, पिकनिक, मछली पकड़ने या अन्य अनावश्यक आवागमन से बचना आवश्यक है।

संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी के निर्देश

उपायुक्त ने जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों तथा संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी अपने क्षेत्र में नदी, नाला, जलाशय, पुल-पुलिया एवं निचले इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखें और जलस्तर में होने वाले परिवर्तन की नियमित जानकारी प्राप्त करते रहें। उन्होंने विशेष रूप से नदी एवं तटीय क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर ध्यान देने तथा किसी भी संभावित जोखिम की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने पदाधिकारियों को स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक करने को भी कहा।

आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश

उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य से संबंधित सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक संसाधनों को तैयार स्थिति में रखा जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि संभावित रूप से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार शेल्टर होम एवं सुरक्षित स्थलों का पूर्व चयन किया जाए। ऐसे स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था तथा आवश्यकता के अनुरूप अन्य व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उपायुक्त ने पदाधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा किसी भी परिस्थिति में सूचना के आदान-प्रदान में विलंब न हो।

स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश

बारिश के कारण उत्पन्न होने वाली संभावित स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाओं एवं चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया।

 जिला प्रशासन की आमजनों से अपील- सावधानी ही सुरक्षा

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश एवं नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पूरी सावधानी बरतें। नदी एवं तटीय क्षेत्रों में जाने से बचें तथा बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखें। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी पार करने, तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश करने अथवा किसी भी प्रकार का जोखिम लेने से बचें। प्रशासन ने आमजनों से यह भी अपील की है कि सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से प्राप्त किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करें। जिला प्रशासन द्वारा जिले की वर्तमान स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा सभी संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को आवश्यक सतर्कता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य संभावित आपदा की स्थिति में जन-धन की सुरक्षा, त्वरित राहत एवं प्रभावी बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

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