
रांची: झारखंड के खनिज एवं औद्योगिक क्षेत्र में विदेशी निवेश की संभावनाओं को नया बल मिला है। मंगलवार को अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास वित्त निगम (डीएफसी) के प्रतिनिधिमंडल ने रांची में खान एवं भूतत्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य में महत्वपूर्ण खनिजों, खनिज अन्वेषण, खनिज प्रसंस्करण और खनिज आधारित उद्योगों में निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में दोनों पक्षों ने भविष्य में निवेश और सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
प्रतिनिधिमंडल के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय प्रबंध निदेशक जतिन बत्रा और व्यवसाय विकास विशेषज्ञ करिश्मा रोहरा ने खान एवं भूतत्व तथा उद्योग विभाग के सचिव अरवा राजकमल से शिष्टाचार भेंट कर राज्य की खनिज संपदा, निवेश-अनुकूल नीतियों और औद्योगिक विकास की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा और उद्योग निदेशक विशाल सागर भी मौजूद रहे।
|बैठक में झारखंड में उपलब्ध प्रचुर खनिज संसाधनों, विशेषकर महत्वपूर्ण खनिजों के विकास, वैज्ञानिक एवं सतत खनन, खनिज प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन तथा खनिज आधारित उद्योगों के विस्तार पर विचार-विमर्श हुआ। प्रतिनिधिमंडल को राज्य सरकार की औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन नीति, कारोबार सुगमता के लिए किए गए सुधारों तथा निवेशकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की भी जानकारी दी गई।
राज्य सरकार ने निजी निवेश को बढ़ावा देने, खनिज संसाधनों के मूल्य संवर्धन और रोजगार सृजन के लिए किए जा रहे प्रयासों से भी प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड की निवेशोन्मुखी नीतियों और समृद्ध खनिज संपदा की सराहना करते हुए खनिज एवं औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं में गहरी रुचि दिखाई।
बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने प्रचलित नीतियों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप भविष्य में निवेश और सहयोग के अवसरों को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। झारखंड सरकार ने दोहराया कि वह खनिज संसाधनों के पारदर्शी, उत्तरदायी और सतत विकास के साथ खनिज आधारित औद्योगिकीकरण, निवेश संवर्धन, रोजगार सृजन और समावेशी आर्थिक विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।


