
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत सारंडा वनक्षेत्र में अंधविश्वास की एक दहला देने वाली वारदात सामने आई है। छोटानागरा थाना क्षेत्र के दुईआ गांव में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर एक महिला को डायन मानकर उसकी बेरहमी से हत्या करने की कोशिश की गई। यह दर्दनाक घटना 28 अगस्त 2026 की रात लगभग 8 बजे घटित हुई। दुईआ गांव की रहने वाली 35 वर्षीय मंजू गोप (पति बुधराम चेरवा) गांव में ही मजदूरी का काम खत्म कर अपने घर पैदल वापस लौट रही थी। उसी दौरान रास्ते में घात लगाकर खड़े ग्रामीण राम गोप उर्फ ऊंतू गोप ने अचानक उस पर जानलेवा हमला कर दिया।
पीड़िता के बयान के अनुसार, आरोपी ने उसे जबरन पकड़कर जमीन पर पटक दिया और उसका गला दबाकर मार डालने का प्रयास किया। इस दौरान महिला ने अदम्य साहस दिखाते हुए आरोपी से कड़ा संघर्ष किया और कड़ी मशक्कत के बाद उसके चंगुल से छूटकर भागने में सफल रही।
हमले के दौरान गला घोंटे जाने के कारण महिला की गर्दन पर गहरे चोट के निशान उभर आए हैं। घटना के बाद पीड़िता गहरे सदमे और खौफ में है। आरोपी की पकड़ से किसी तरह मुक्त होकर पीड़िता सीधे गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल के आवास पहुंची और आपबीती बताई।
मंजू गोप ने आरोप लगाया कि राम गोप उसे डायन मानता है और इसी कुंठित अंधविश्वास की वजह से उसकी जान लेना चाहता था। पीड़िता 29 अगस्त 2026 को छोटानागरा पुलिस स्टेशन पहुंचकर आरोपी के खिलाफ नामजद लिखित शिकायत दर्ज कराएगी। स्थानीय पुलिस का कहना है कि लिखित आवेदन प्राप्त होते ही मामले की जांच कर आरोपी के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

