
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव विधानसभा क्षेत्र स्थित कुमारडुंगी में आजीविका महिला स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड की वार्षिक आमसभा का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय विधायक निरल पूर्ति ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
आमसभा के दौरान स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं ने संगठन की अब तक की उपलब्धियों, वर्तमान गतिविधियों और आगामी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
आर्थिक रूप से मजबूत महिला से परिवार का विकास : विधायक
समारोह को संबोधित करते हुए विधायक निरल पूर्ति ने कहा कि वर्तमान दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। किसी भी परिवार की प्रगति और मजबूती में महिलाओं का योगदान सर्वोपरि होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब महिला आर्थिक रूप से सक्षम बनती है, तो पूरे परिवार का जीवन स्तर सुधरता है। विधायक ने बताया कि कुमारडुंगी संकुल के तहत आने वाले कुमारडुंगी, कुमिरता और भोंडा गांव की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बचत के साथ-साथ विभिन्न आय सृजन गतिविधियों में जुटी हैं। मुर्गी पालन और बत्तख पालन जैसे छोटे व्यवसायों से जुड़कर वे न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं।
सरकारी योजनाओं का उठाएं पूरा लाभ
विधायक ने आगे जानकारी दी कि झारखंड सरकार महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही दीदी बैंक, बैंक क्रेडिट, दीदी कैफे, दीदी बाड़ी और लघु उद्योगों जैसी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार प्रदान करना है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का यही विजन है कि राज्य की हर महिला सशक्त और आत्मनिर्भर बने।
उन्होंने महिलाओं का आह्वान किया कि वे सरकारी योजनाओं और बैंक ऋण सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने काम का विस्तार करें और दूसरी महिलाओं को भी प्रेरित करें। उन्होंने यह भी कहा कि नियमित बचत की आदत से परिवार को भविष्य में वित्तीय मजबूती मिलती है।
वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में ग्रामीण बैंक के प्रबंधक अविनाश मिश्रा, जेएसएलपीएस (JSLPS) के बीपीएम अविनाश कुमार, अरुण कुमार गुप्ता, प्रखंड प्रमुख प्रियंका हेब्रोम, मुखिया रूप भेंगरा और आशा पिंगुआ समेत भारी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

