सेंट्रल डेस्क/NIA Raid : एनआईए (NIA) ने मंगलवार यानि 12 मार्च को 4 राज्यों पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में छापेमारी की है। इन राज्यों के 30 ठिकानों पर व्यापक तलाशी ली जा रही है। एनआईए ने यह छापेमारी खालिस्तान-गैंगस्टर लिंक के मामले में की है।
NIA Raid आतंकवादियों व गैंगस्टर के बीच नेक्सस की पड़ताल
न्यूज एजेंसी के मुताबिक इस छापेमारी के तहत आतंकवादियों और गैंगस्टर के बीच नेक्सस की पड़ताल की जा रही है। एजेंसी फरीदकोट के कोटकपुरा में एक व्यवसायी के आवास पर भी तलाशी ले रही है। इसके साथ ही पंजाब के मोगा में भी तलाशी ली जा रही है।
एनआईए के साथ पंजाब पुलिस भी मौजूद है। इससे पहले सितंबर 2023 में भी एनआईए ने खालिस्तान और गैंगस्टर गठजोड़ के खिलाफ एक्शन लिया था। एनआईए ने बताया कि आतंकवादी-गैंगस्टर सांठगांठ से संबंधित मामले में कुछ आरोपियों को पकड़ा गया गया था, उनसे पूछताछ के बाद कुछ अहम जानकारियां हाथ लगी थीं। इसके बाद ये एक्शन लिया गया।
आतंकवादी गतिविधियों से मिली संपत्तियों की होगी कुर्की
सूत्र के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इस मामले में एनआईए की ओर से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में 30 जगहों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की कार्रवाई जारी है। एनआईए के एक प्रवक्ता ने पहले कहा था कि आतंकवाद और माफिया के इस प्रकार के नेटवर्क और उनकी मदद करने वाले बुनियादी ढांचे को खत्म करने के प्रयासों के तहत, एनआईए ने हालिया महीनों में कई लक्षित रणनीतियां अपनाई हैं, जिनमें आतंकवादी गतिविधियों से अर्जित आय से प्राप्त संपत्तियों की कुर्की और जब्ती भी शामिल है।
जनवरी में 32 स्थानों पर एनआईए ने की थी छापेमारी
बता दें कि, इससे पहले जनवरी में, एनआईए ने प्रतिबंधित संगठनों बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से संबंधित तीन मामलों में पूरे उत्तर भारत में 32 स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें अवैध हथियार, गोला-बारूद, आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और नकदी बरामद हुई थी।
एजेंसी ने खुलासा किया था कि इन ऑपरेशन्स में सीमा पार से हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) जैसे आतंकवादी हार्डवेयर की तस्करी और खरीद शामिल थी। आतंकी हार्डवेयर का इस्तेमाल आतंकी संगठनों और संगठित अपराध सिंडिकेट के कार्यकर्ताओं के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में बम विस्फोट, लक्षित हत्याएं, जबरन वसूली और ऐसे संगठनों को फंडिंग करने के लिए किया जा रहा है।
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