नेपेडा: म्यांमार में आए 7.2 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप में अब तक 2056 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग घायल हैं और बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए हैं। भूकंप का केंद्र शान राज्य के पूर्वी हिस्से में था, जिससे काचिन और सागाइंग क्षेत्र भी गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं।

भारत ने तेजी से बढ़ाया मदद का हाथ
भूकंप के तुरंत बाद भारत ने म्यांमार की सहायता के लिए मानवीय और चिकित्सा सहायता भेजी।
- मेडिकल सहायता: भारतीय वायुसेना के विशेष विमानों के जरिए म्यांमार को टनों आवश्यक दवाएं, सर्जिकल किट और चिकित्सा उपकरण भेजे गए हैं।
- NDRF की तैनाती: भारत ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की प्रशिक्षित टीमों को मलबे में फंसे लोगों को निकालने और राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए तैनात किया है।
- मानवीय सहायता: भारत ने 25 टन खाद्य सामग्री, पेयजल, तिरपाल और अन्य आवश्यक वस्तुएं भेजी हैं। इसके अलावा, भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर राहत कार्यों में मदद कर रहा है।
- पुनर्वास योजनाएं: भारत ने भविष्य में पुनर्वास और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए म्यांमार को हर संभव सहायता देने का वादा किया है।
अन्य देशों ने भी भेजी सहायता
चीन:
चीन ने 30 टन चिकित्सा आपूर्ति और राहत सामग्री भेजने के अलावा, मलबे को हटाने और पुनर्निर्माण में मदद के लिए इंजीनियरिंग टीमों को भी तैनात किया है।
जापान:
जापान ने 10 मिलियन डॉलर की आपातकालीन वित्तीय सहायता की घोषणा की है और साथ ही भोजन, तिरपाल और स्वच्छता किट भी भेजी हैं।
अमेरिका:
अमेरिका ने 15 मिलियन डॉलर की आर्थिक सहायता प्रदान की है और बचाव कार्यों में सहायता के लिए विशेषज्ञ टीमें भेजी हैं।
ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ:
ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ ने संयुक्त रूप से 12 मिलियन डॉलर की सहायता का ऐलान किया है, जो पुनर्वास और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में मदद करेगी।
भूकंप प्रभावित इलाकों में हालात गंभीर
शान और काचिन राज्यों में कई गांव पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गए हैं। हजारों लोग बेघर हो गए हैं और राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां युद्धस्तर पर राहत और पुनर्वास कार्यों में जुटी हैं।
भारत और अन्य देशों की त्वरित सहायता से म्यांमार को इस भयानक आपदा से उबरने में महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है।

