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9 July Bharat Bandh : नौ जुलाई को भारत बंद, संयुक्त ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने किया आंदोलन का ऐलान

9 July Bharat Bandh : संयुक्त ट्रेड यूनियनों के साथ किसान संगठनों ने किया आह्वान। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ देशभर में एकजुटता का प्रदर्शन करेंगे मजदूर और किसान।

by Anand Mishra
Bharat Bandh on 9 July announced by joint trade unions and farmer organizations across India
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Ranchi (Jharkhand) : केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संयुक्त ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा ने 9 जुलाई 2025 को भारत बंद का आह्वान किया है। रांची में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल की विस्तृत रूपरेखा साझा की गई।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के वरिष्ठ नेता अजय सिंह ने बताया कि यह हड़ताल मजदूरों, किसानों और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि “सरकार की नीतियां श्रम अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और स्थायी रोजगार को खत्म करने की ओर बढ़ रही हैं।”

17 सूत्री मांगों के साथ सड़कों पर उतरेंगे मजदूर और किसान

  • 26,000 रुपये न्यूनतम वेतन निर्धारित करना
  • पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली
  • आवश्यक वस्तुओं से GST हटाना
  • किसानों के लिए MSP की कानूनी गारंटी
  • सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक
  • श्रम संहिताओं की वापसी

सभी असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा का अधिकार

नेताओं ने कहा कि यह हड़ताल सिर्फ एक दिन का आंदोलन नहीं, बल्कि दीर्घकालिक संघर्ष की शुरुआत है। प्रदेश भर में नुक्कड़ सभाएं, बाइक रैली, जनसंपर्क अभियान, मशाल जुलूस और पुतला दहन जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से हड़ताल को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति बनाई गई है।

सड़क जाम और कार्यालयों का बहिष्कार भी इस आंदोलन का हिस्सा होगा। आंदोलन की अगुवाई करने वाले शुभेंदु सेन, अशोक यादव, अनिर्बान बोस, सुफल महतो समेत अन्य नेताओं ने साफ किया कि जब तक मजदूर-किसानों की आवाज नहीं सुनी जाती, आंदोलन थमेगा नहीं।

चार श्रम संहिताओं को बताया जनविरोधी

वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर चार श्रम संहिताओं के ज़रिए ट्रेड यूनियन और स्थायी रोजगार के अधिकारों को समाप्त करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इन संहिताओं से मजदूरों का शोषण बढ़ेगा और श्रमिक अधिकारों का हनन होगा।

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