चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी थाने क्षेत्र में दो नाबालिग लड़कियों से छह लड़कों की ओर से सामूहिक दुष्कर्म किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। मामले में कुचीबेड़ा गांव के मुंडा अजय पुरती ने ग्रामीणों के सहयोग से छह युवकों को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द किया है।

आरोपितों के नामों का खुलासा अभी नहीं किया गया है। कुचीबेड़ा गांव के मुंडा अजय पुरती ने बताया कि 29 सितंबर की शाम को दोनों नाबालिग नोवामुंडी से मजदूरी करके घर लौट रही थी। इसी समय बालजोड़ी गांव के एक युवक से मुलाकात हुई।
युवक ने उन्हें घर छोड़ने के बहाने अपनी मोटरसाइकिल पर बैठा लिया। इसके बाद उन्हें घर नहीं छोड़कर मोटरसाइकिल में पेट्रोल भरने का बहाना बनाकर कोटगढ़ गांव के रास्ते दुधबिला जंगल की ओर ले गया।
वहां अलग-अलग गांवों से अपने अन्य पांच साथियों को भी बुला लिया। उसके बाद सभी ने दोनों लड़कियों से दो दिनों तक बारी-बारी दुष्कर्म के बाद तीसरे दिन रविवार को सुबह घर भेज दिया था।
परिजनों ने जब लड़कियों से पूछताछ शुरू की तो हकीकत सामने आयी। परिजनों के निवेदन पर मंगलवार को सुबह मुंडा अजय पुरती ने अपने गांव को छोड़कर दूसरे गांव इटर बालजोड़ी गांव में बैठकर योजना बनायी।
इसके उपरांत नाबालिग लड़की ने मोबाइल से बालजोड़ी गांव के युवक को इटर बालजोड़ी गांव आने के लिये बुला लिया। वहां पहले से लोग तैयार थे। युवक के आते ही उसे घेर कर पकड़ लिया ।
युवक ने अपने को फंसते देख अन्य सभी दोस्तों को बुला लिया। इस तरह से सभी युवक एक-एक करके ग्रामीणों के जाल में फंस गये। ग्रामीणों ने मंगलवार को उन्हें पकड़कर नोवामुंडी पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
नोवामुंडी थाने में मामला आते ही पुलिस ने अपने स्तर से अनुसंधान शुरू कर दिया है। पीड़िता से भी बयान लिया गया है। थाना प्रभारी अंकिता सिंह इस मामले में फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार कर रही हैं।

