हेल्थ डेस्क, जमशेदपुर : झारखंड के जमशेदपुर में डेंगू कहर बरपा रहा है। अब बच्चे भी डेंगू की चपेट में तेजी आ रहे हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। पूर्वी सिंहभूम जिले के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से 1500 सरकारी स्कूल के प्राचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान सभी स्कूलों को अलर्ट करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया। सभी प्राचार्यों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि बच्चों को प्रार्थना सभा एवं वर्ग कक्षा में डेंगू से बचाव को लेकर जरूर जानकारी दें। बच्चों को पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने के बारे में बताएं। हमेशा मच्छरदानी के अंदर ही सोएं। बच्चों के माता, पिता व समुदाय के साथ बैठक करें। स्कूल कैंपस, फील्ड व स्कूल के आस-पास में कही भी पानी का जमाव नहीं होने दें। इसमें डेंगू मच्छर का लार्वा हो सकता हैं। साथ ही बच्चों से घरों के आस-पास पानी का जमाव नहीं होने देने को लेकर जागरूक करने का निर्देश दिया गया। वहीं, डेंगू संबंधित जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 9304389995 पर संपर्क करें।
राज्य में सबसे अधिक पूर्वी सिंहभूम जिले में डेंगू के मरीज
पूर्वी सिंहभूम जिले में डेंगू की जांच करने आई रांची की टीम अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंप दी है। वहीं, इसका प्रतिलिपि पूर्वी सिंहभूम जिले के सिविल सर्जन डा. जुझार को भी भेजी गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पूर्वी सिंहभूम जिले में मरीजों की अधिक संख्या होने का मूल कारण वहां पर जांच सबसे अधिक हुई है। यहां अभी तक कुल 8802 सैंपल की जांच हुई है। इसमें 1170 डेंगू के मरीज मिले हैं। वहीं, टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में 11 मरीजों की मौत हुई है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जिन जिलों में कम जांच हुई है वहां मरीज कम मिले हैं। कई ऐसे जिले भी हैं, जहां जांच न के बराबर हुई है। उन जिलों में डेंगू मरीजों की संख्या शून्य है।
झारखंड में डेंगू की स्थिति
पूर्वी सिंहभूम जिले के बाद राजधानी रांची दूसरे स्थान पर हैं। यहां 28 सितंबर तक 1572 लोगों की जांच हुई है, जिसमें 145 डेंगू मरीज मिले हैं। जबकि तीसरे स्थान पर सरायकेला व चौथे स्थान पर हजारीबाग जिला शामिल हैं। पूर्वी सिंहभूम जिले के सबसे अधिक मानगो, बारीडीह, गोलमुरी, बागबेड़ा, सिदगोड़ा, बिरसानगर, बिष्टुपुर, कदमा, साकची, सोनारी, टेल्को, जुगसलाई, चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र प्रभावित है। इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी का निर्देश दिया गया है।
राज्य के किस जिले में कितने डेंगू के मरीज मिले
जिला : जांच : मरीज
पूर्वी सिंहभूम : 8802 : 1170
रांची : 1572 : 145
सरायकेला : 324 : 104
हजारीबाग : 325 : 50
पश्चिमी सिंहभूम : 197 : 22
बोकारो : 94 : 05
(आंकड़ा 28 सितंबर तक)
डेंगू क्या है?
डेंगू एक वायरल और गंभीर फ्लू की तरह संक्रमित रोग हैं, जो संक्रमित एडिस मच्छर के काटने से फैलता है। संक्रमित मच्छर के काटने के 5-6 दिन बाद बुखार आने लगता है।
डेंगू किसे हो सकता है?
कोई भी व्यक्ति जिसे संक्रमित मादा एडिस मच्छर काट ले उसे डेंगू बुखार होने की संभावना होती हैं, संक्रमित मादा ऐडिस मच्छर के काटने से अधिकतर लोग डेंगू से प्रभावित होते हैं।
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सावधानी
लक्षण के आधार पर रोगी की सही समय पर जांच एवं उपचार प्रारंभ हो जाना चाहिए। जांच एवं उपचार में देरी होने पर रोग जटिल या गंभीर हो सकता है तथा जान को खतरा भी हो सकता है। बुखार के 5 दिन बाद आईजीएम एलाइजा जांच जरूर कराएं। एमजीएम एवं सदर अस्पताल में जांच की सुविधा निःशुल्क है। साथ ही टीएमएच में भी जांच कराया जा सकता है।
कार्मेल व कान्वेंट के बच्चों को किया गया जागरूक
जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर के विभिन्न स्कूलों में जाकर छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों को भी जागरूक किया जा रहा है। बुधवार को बिष्टुपुर स्थित कान्वेंट स्कूल व सोनारी स्थित कार्मेल स्कूल में टीम पहुंची। टीम में जिला महामारी विशेषज्ञ डा. असद, मलेरिया इंस्पेक्टर श्रवण कुमार व सुशील तिवारी शामिल थे। बच्चों को डेंगू से बचाव, लार्वा की पहचान और उसे नष्ट करने का तरीका बताए गए।
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डेंगू को फैलने से इस तरह से रोका जा सकता है
– घर के अंदर व आंगन में जहां भी पानी एकत्रित हो रहा है, उसे साफ करें।
– घर में कोई भी बेकार बर्तन, खुली बोतल, डिब्बे, पुराने टायर, कबाड़ एवं प्लास्टिक का सामान एकत्रित ना होने दें, इनमें पानी के ठहरने से डेंगू मच्छर के पनपने का खतरा सबसे अधिक है।
– बर्तनों को खाली कर उलटा कर के रखें, पानी के बर्तन, टंकी को ढक कर रखें।
– फूल के गमलों में पानी न जमा होने दें।
– कूलर का पानी सप्ताह में एक बार खाली कर दें और सुखाने के बाद ही भरें।
– सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
– ऐसे कपड़े पहने जो शरीर को ज्यादा से ज्यादा ढक सके।
– डेंगू के लक्षण होने पर चिकित्सक से मिलें एवं बिना चिकित्सक की सलाह के कोई दवा ना लें।

