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इस दिवाली भी कनाडा सरकार ने जारी किया विशेष डाक टिकट, जानिए इसकी खासियत

by Rakesh Pandey
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सेंट्रल डेस्क :  कनाडा की सरकार ने गुरुवार को दिवाली के आगमन पर नया डाक टिकट जारी किया। कनाडा में बड़े पैमाने पर हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख समुदाय के लोग दिवाली मनाते हैं और बीते कई सालों से कनाडा सरकार दिवाली के अवसर पर डाक टिकट जारी कर रही है। यह डाक टिकट कनाडा के डाक विभाग ने जारी किया है।

क्या कहा कनाडा के डाक विभाग ने

इस डाक टिकट को क्रिस्टीन डो ने डिजाइन किया है और इस पर चित्रकारी रेना चेन ने की है। कनाडा के डाक विभाग ने टिकट जारी करते हुए कहा यह डाक टिकट तोरण से प्रेरित है, जिसे दिवाली के दौरान घरों और मंदिरों के द्वार पर लगाया जाता है। इस डाक टिकट में पीले और संतरी रंगों का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही गेंदे के फूलों और आम के हरे पत्तों को भी दर्शाया गया है। साथ ही दीये भी इस डाक टिकट पर दर्शाए गए हैं।

कीमत 5.52 कनाडाई डॉलर

यह डाक टिकट एक विशेष बुकलेट में जारी किया गया है, जिसकी कीमत 5.52 कनाडाई डॉलर या करीब 340 रुपये रखी गई है। बता दें कि यह लगातार पांचवा साल है, जब कनाडा के डाक विभाग ने दिवाली के अवसर पर विशेष डाक टिकट जारी किया है। भारत के साथ रिश्तों में आई खटास की इनदिनों खासी चर्चा है। गुरुवार को कनाडा सरकार ने दिवाली के आगमन पर जो नया डाक टिकट जारी किया है, यह पहली बार नहीं है। कनाडा की सरकार बीते पांच सालों से दिवाली के अवसर पर डाक टिकट जारी कर रही है।

पहली बार 2017 में जारी किया गया था डाक टिकट

कनाडा में पहली बार 2017 में दिवाली के अवसर पर डाक टिकट जारी हुआ था। इस साल भी इस परंपरा को जारी रखते हुए यह डाक टिकट जारी किया गया है। हालांकि भारत के साथ आई रिश्तों में खटास के बावजूद समय-समय पर दोनों देशों की ओर से नरमी वाले बयान दिए जा रहे हैं। कनाडा में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं। वहां की शासन व्यवस्था में भी भारतीयों का प्रभाव रहा है।

जस्टिन ट्रूडो ने भी मनाई दीवाली

कनाडा सरकार द्वारा जारी किए गए टिकट पर दीये भी दर्शाए गए हैं। इससे पहले रविवार को, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ओटावा के पार्लियामेंट हिल में दिवाली मनाने के लिए देश में भारतीय समुदाय के साथ शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा था कि यह जश्न रोशनी का प्रतीक है, जिसकी हमें और ज्यादा जरूरत है। इसके साथ ही, इस कार्यक्रम में कनाडा के विपक्षी नेता पिएरे पोलिवरे और कनाडा में भारत के राजदूत संजय कुमार वर्मा आदि शामिल हुए।

क्यों तल्ख हुए रिश्ते

बता दें कि खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर कनाडा और भारत के रिश्ते तल्ख हो गए हैं। टूडो ने निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंट्स का हाथ होने की आशंका जताई थी। जिसे भारत ने निराधार बताते हुए ख़ारिज कर दिया था। ऐसे में भारत के साथ आई संबंधों में खटास के बाद भी कनाडा सरकार ने चली आ रही इस पहल को जारी रखा है।

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