कानपुर (उप्र)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT Kanpur) कानपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के 53 वर्षीय वरिष्ठ वैज्ञानिक समीर खांडेकर का एक पूर्व छात्र सम्मेलन के दौरान व्याख्यान देते समय दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। आईआईटी के अधिकारियों ने बताया कि छात्र मामलों के अधिष्ठाता (डीन) व मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख खांडेकर सभा को संबोधित करते समय मंच पर गिर पड़े। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

नाम न उजागर करने की शर्त पर एक प्रोफेसर ने कहा कि यह पता चला है कि खांडेकर को लगभग पांच साल पहले उच्च कोलेस्ट्रॉल का पता चला था। आईआईटी-कानपुर के निदेशक अभय करंदीकर ने फोन पर बताया कि जब से उन्होंने संस्थान में एक पूर्व छात्र सम्मेलन के दौरान एक उत्कृष्ट शिक्षक और शोधकर्ता समीर खांडेकर के आकस्मिक निधन के बारे में सुना, तब से वह पूरी तरह सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि खांडेकर एक व्याख्यान दे रहे थे, तभी उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ और पसीना आने लगा। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता खांडेकर मंच पर गिर पड़े।
बेटा लंदन में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में कर रहा पढ़ाई
करंदीकर ने पुष्टि की कि शव को संस्थान के स्वास्थ्य केंद्र में रखा गया है और अंतिम संस्कार उनके इकलौते बेटे प्रवाह खांडेकर के आने के बाद ही किया जाएगा, जो लंदन में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में पढ़ रहे हैं। उपस्थित लोगों ने कहा कि प्रोफेसर खांडेकर के अंतिम शब्द थे अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें।
(IIT Kanpur) हाल के दिनों में बढ़ी हैं ऐसी घटनाएं
कोरोना काल के बाद ऐसी घटनाओं की बाढ़-सी आ गई है। आए दिन इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं। इसमें लोग जान गंवा रहे हैं। इस प्रकार प्रकार की घटनाओं ने स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि इस प्रकार की घटनाओं को कैसे रोका जाए। डॉक्टरों का कहना है कि 35 साल के हर व्यक्ति को नियमित अंतराल पर अपनी स्वास्थ्य जांच जरूर करानी चाहिए, ताकि समय रहते इसे रोका जा सके। कोरोना ने लोगों के स्वास्थ्य को काफी प्रभावित किया है। इसको गंभीरता से लेने की जरूरत है।
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