

पटना। बिहार सरकार में हाल ही में हुए मंत्रियों के विभाग बदलाव ने राजद कोटे के तीन मंत्रियों को नए विभागों में स्थानांतरित किया है। इस बदलावत के तहत, आरजेडी नेता आलोक मेहता को शिक्षा मंत्री बनाया गया है, जो पहले भूमि सुधार व राजस्व मंत्री थे। शिक्षा मंत्री Chandrashekhar को गन्ना उद्योग विभाग का मंत्री बनाया गया है। बता दे की गन्ना उद्योग विभाग आलोक मेहता के पास था। वहीं ललित यादव को भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री बनाया गया है और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग भी पहले की तरह उनके पास रहेगा।

Chandrashekhar: शिक्षा मंत्री रहते विवादों में रहे चंद्रशेखर
Chandrashekhar , जो पहले शिक्षा मंत्री थे, उनके विवादपूर्ण बयानों और रामचरित मानस पर विवादित टिप्पणियों के बाद अब गन्ना उद्योग विभाग का मंत्री बनाया गया है। देखा जाए तो शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक से Chandrashekhar को बनती नहीं थी। बिहार में केके पाठक को CM नीतीश का बेहद करीबी अधिकारी माना जाता है, और ऐसे में मंत्रालयों में फेर बदल एक बड़ी राजनैतिक फेरबदल दिखा रही है।

तीन मंत्रियों के विभागों में फेरबदल
बिहार में इस तीन मंत्रियों के विभागों में हुए बदलाव ने राजद कोटे के ही मंत्रियों को नए दायरों में स्थानांतरित किया है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य विभागों को सुचारू रूप से चलाने का है, जिससे सामाजिक और शैक्षिक क्षेत्र में सुधार हो सके।

नीतीश कुमार का संदेश
यह घटनाक्रम नीतीश कुमार की दृढ़ नेतृत्व में सरकार में किए गए फैसलों का एक और प्रमुख प्रमाण है। इससे स्पष्ट होता है कि नीतीश कुमार सरकार में ही ‘बॉस’ हैं और सभी मंत्री उनके नेतृत्व में काम करेंगे। इस बदलावत के बाद, राजद नेता और मंत्री चंद्रशेखर पर केके पाठक का भी बड़ा प्रभाव पड़ा है। उनके विवादपूर्ण बयानों के बाद, उन्हें बिहार में सुर्खियों में रहना पड़ा है।
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