

हेल्थ डेस्क, जमशेदपुर : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में संचालित Ultrasound Centre की जांच शुरू होने से संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। पहले दिन टीम के सदस्यों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर कुल दस अल्ट्रासाउंड केंद्रों कि जांच की। इसमें जुगसलाई स्थित डॉ. स्वाति सिंह, जुगसलाई स्थित राजस्थान सेवा सदन, सोनारी स्थित डॉ. पिंकी राय, साकची स्थित लाइफ लाइन नर्सिंग होम, साकची स्थित जीवन दीप, गोलमुरी स्थित चावला क्लीनिक सहित अन्य शामिल हैं। हालांकि, इस दौरान टीम के सदस्यों ने कुछ भी बताने से इंकार किया।

Ultrasound Centre : विभाग को भेजा जाएगा रिपोर्ट
टीम के सदस्यों ने बताया कि रिपोर्ट विभाग को भेजा जाएगा। ऐसे में वे कुछ भी नहीं बता सकते। वहीं, सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने बताया कि अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच के कुल चार टीमें गठित की गई है। इसमें जिला भीभीडी पदाधिकारी, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, जिला आरसीएच पदाधिकारी, सदर अस्पताल ब्लड बैंक के प्रभारी पदाधिकारी और जिले के सभी मेडिकल आफिसर को शामिल किया गया हैं।

इसके अलावा टीम में सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. गीलात घोष, डॉ. कमलेश कुमार प्रसाद, डॉ. सुमित्रा मुर्मू, एमजीएम अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. शशि भूषण कुमार, डॉ. लुगुराम टुडू आदि को भी शामिल किया गया है। ताकि जांच रिपोर्ट पर किसी तरह का सवाल नहीं उठे। उक्त रिपोर्ट जिले के उपायुक्त व रांची स्वास्थ्य विभाग को सौंपी जाएगी। मालूम हो कि केंद्र व राज्य सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को लेकर कई तरह की अभियान चला रही है। ऐसे में यह जांच रिपोर्ट काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Ultrasound Centre : 17 बिंदुओं पर हो रही है जांच
सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने कहा कि मुख्यालय से सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों की रिपोर्ट मांगी गई। कुल 17 बिंदुओं पर जांच की जा रही है। इसमें केंद्र का नाम, वहां उपलब्ध संसाधन और सुविधा, अंतिम निरीक्षण की तिथि, केंद्र का पंजीकरण नंबर, केंद्र के चिकित्सक सह रेडियोलॉजिस्ट का नाम मोबाइल नंबर सहित,
डॉक्टर के केंद्र में बैठने का समय, पंजीकृत डॉक्टर और रेडियोलॉजिस्ट का रजिस्ट्रेशन नंबर, रजिस्ट्रेशन जेएमए और आईएमए से है अथवा नहीं, डॉक्टर, रेडियोलॉजिस्ट की शैक्षणिक डिग्री, उनका आधार नंबर, केंद्रों में अल्ट्रासाउंड मशीन का सीरियल नंबर, वैधानिक चेतावनी संबंधी बोर्ड, केंद्र में सीसीटीवी कैमरे और आग से बचाव के उपाय आदि की जांच हो रही है। टीम के द्वारा 31 जनवरी तक सभी केंद्रों की जांच करनी है। इसके बाद उपायुक्त सहित विभाग को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
बारीकी से हो रही जांच
सिविल सर्जन ने कहा कि रांची मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जानी है। ऐसे में टीम के सदस्यों को काफी गहराई से जांच करने का निर्देश दिया गया है। जांच के दौरान एक टीम कम से कम पांच मरीजों के फार्म का मिलान अल्ट्रासाउंड मशीन के डेटा से करेगी। इसमें जांच किये गए मरीज के आईडी और आधार की विवरणी का उल्लेख रिपोर्ट में करना होगा। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इन केंद्रों की हुई जांच
डॉ. स्वाति सिंह, जुगसलाई
राजस्थान सेवा सदन, जुगसलाई
डॉ. पिंकी राय, सोनारी
लाइफ लाइन, साकची
जीवन दीप, साकची
चावला क्लिनिक, गोलमुरी
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