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नाबालिग थे तो कैसे बनाई कंपनी, जानें तेजस्वी से ED ने और क्या पूछा

by The Photon News Desk
Tejashwi Yadav
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पटना /Tejashwi Yadav : लालू परिवार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) का शिकंजा कसता जा रहा है। रेलवे में जमीन के बदले नौकरी (Land for Jobs) घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय की टीम लालू के बेटे व पूर्व उप मुख्यमंत्री Tejashwi Yadav से लगातार पूछताछ कर रही है।

मंगलवार को भी ED के 12 अधिकारियों की टीम की ओर से तेजस्वी यादव से पूछताछ करती रही। मीडिया में आई खबरों के अनुसार ईडी की टीम ने तेजस्वी यादव से पूछा कि वे नाबालिग थे को कंपनी कैसे बना डाली।

क्या है लैंड फोर जॉब्स घोटाला

जैसा की नाम से ही समझ सकते हैं कि जमीन दो और नौकरी पाओ। दरअसल, रेलवे के ग्रुप डी में नौकरी के लिए बड़ी संख्या में बेरोजगारों व उनके परिवार के लोगों से ग्रुप डी में नौकरी लगवाने के नाम पर जमीनें ली गईं।

यह घोटाला लालू प्रसाद यादव के केंद्रीय रेल मंत्री रहते हुआ था। घोटाले की अवधि वर्ष 2004 से लेकर वर्ष 2009 तक के बीच की है। इसी मामले में एफआइआर दर्ज होने के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई मामले की जांच कर रही है।

कैसे हुए घोटाले

लालू प्रसाद यादव के केंद्रीय रेल मंत्री रहते यह मनी लांड्रिंग का घोटाला हुआ था। रेलवे के ग्रुप डी में नौकरी की चाह रखनेवाले बेरोजगार युवाओं और उनके परिवार के लोगों से नौकरी के नाम पर जमीनें नाममात्र के शुल्क पर हस्तांतरित कराई गईं। पैसे किसी ने सीधे नहीं लिए बल्कि पैसे को कंपनियों में ट्रांसफर कराया गया।

ईडी के अनुसार इस मामले में लालू की पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती और हेमा यादव पर आरोप है। इस मामले में सीबीई की ओर से जांच कर फाइनल रिपोर्ट सब्मिट की जा चुकी है। अब ईडी की ओर से जांच की कार्यवाही चल रही है।

मुखौटा कंपनियों में जमा कराए गए पैसे

रेलवे के ग्रुप डी में नौकरी के लिए जो पैसे मांगे गए उसे मुखौटा यानी शेल कंपनियों में जमा कराए गए। बाद में वे पैसे दूसरे खातों में ट्रांसफर करा लिए गए। इस घोटाले में ह़ृदयानंद चौधरी का नाम खूब उछला था। हृदयानंद चौधरी के बारे में बताया जाता है कि वह कभी राबड़ी देवी के गोशाले की देखभाल करता था। ग्रुप डी में नौकरी दिलाने के नाम पर वसूली गई राशि से उसने काफी संपत्ति खड़ी कर ली। उसने भी मुखौटा कंपनियों में पैसे ट्रांसफर किए थे।

ED के 60 सवालों में 30 पूरे, जानें क्या थे सवाल

लैंड फोर जॉब्स मामले में सवालों का सामना करने के लिए पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव मंगलवार को सुबह साढ़े ग्यारह बजे के करीब पटना के बैंक रोड स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे। ईडी के पास साठ सवालों की लिस्ट पहले से ही तैयार थी। इन साठ सवालों में तीस सवाल पूरे हो चुके हैं।

Tejashwi Yadav : ये सवाल भी पूछे गए

– जिस कंपनी के आप संचालक हैं वह कब और कैसे बनी
– उस समय आप नाबालिग थे, कंपनी बनाने का विचार कैसे आया
– कंपनी चार करोड़ की थी तो कुछ साल में करोड़ों का लेनदेन कैसे हुआ
– आय के उपार्जन का स्रोत क्या था
– बालिग होते ही केवल 21-22 साल की उम्र में कंपनी का लाभ कई करोड़ बढ़ गया। कैसे?
– एक आलीशान घर जिसकी कीमत 160 करोड़ रुपये लगभग है, आपने अपनी कंपनी के नाम पर केवल कुछ लाख में ही कैसे ले लिया
– आपने करोड़ों रुपये कहां से कमाए

इधर होती रही पूछताछ, बाहर नारेबाजी करते रहे समर्थक

पटना के ईडी कार्यालय में एक ओर जहां पूर्व रेलमंत्री व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव से पूछताछ चल रही थी वहीं ईडी कार्यालय के बाद आरजेडी समर्थकों की काफी भीड़ लगी रही। बाहर जुटे समर्थक ईडी के विरोध में और तेजस्वी के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। पार्टी के विधायक ओर सांसद पास में ही स्थित मंदिर में बैठे नजर आए। तेजस्वी के भाई तेज प्रताप और बहन मीसा भारती भी ED कार्यालय पहुंची थीं।

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