रांची : अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) ने JSSC CGL परीक्षा पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच समेत अन्य मांगों को लेकर शनिवार को राजभवन के समक्ष प्रदर्शन किया। इसके बाद आजसू ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। राज्य के सभी जिले से आए आजसू के सैकड़ों सदस्यों के साथ कई छात्रों और अभ्यर्थियों ने इस प्रदर्शन में हिस्सा लेकर मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराने को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।
आजसू के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने कहा कि आजसू छात्रों के हक, अधिकार और हित से जुड़े सभी विषयों को मुखरता से उठाते आई है। जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामले में घोर निद्रा में सोई सरकार को उठाने का काम आजसू पार्टी अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने किया था।
उन्होंने विधानसभा के विशेष सत्र में राज्य के लाखों छात्रों के हित में पेपर लीक मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। इसके बाद सरकार ने आनन-फानन में एसआईटी का गठन किया। आजसू के साथ-साथ राज्य के सभी छात्र इस एसआईटी से संतुष्ट नहीं हैं। इस मामले में उच्च अधिकारियों की संलिप्तता भी सामने आई है, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच सीबीआई से करानी आवश्यक है।
JSSC CGL : युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है सरकार
आजसू के प्रदेश महासचिव विशाल महतो ने कहा कि सरकार ने अपनी गलत नीति से राज्य के युवाओं के भविष्य को बर्बाद किया है। युवाओं के हक की नौकरी का 27-27 लाख रुपए में सौदा करने वाली सरकार कभी न झुकने का दंभ भर रही है। इन्होंने सिर्फ नौकरी ही नहीं, हम जैसे लाखों युवाओं के सपनों और उनके परिश्रम को भी बेच दिया है। युवा इन्हें झुकाएंगे भी और सत्ता से हटाएंगे भी। जमीन पर आंदोलन कर रहे छात्रों से नजर नहीं मिला पा रही है, इसलिए झुकने में असमर्थ है यह सरकार।
JSSC CGL: आजसू लगातार चल रहा आंदोलन
राज्य के लाखों छात्रों को न्याय मिले, इसके लिए जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामले को लेकर आजसू ने चरणबद्ध आंदोलन किया। इसके तहत 12 फरवरी को सभी कॉलेज/विश्वविद्यालय मुख्यालय पर हस्ताक्षर अभियान, 13 फरवरी की संध्या में मशाल जुलूस और प्रदर्शन, 15 फरवरी को सभी उपायुक्त महोदय को सीबीआई जांच की मांग हेतु पत्र सौंपा गया और आज राजभवन के समक्ष एक दिवसीय प्रदर्शन का आयोजन किया गया।
ये हैं आजसू छात्र संघ की प्रमुख मांगें
आजसू छात्र संघ की प्रमुख मांगों में सीबीआई जांच के साथ ही सीजीएल परीक्षा में हुई धांधली को लेकर विरोध कर रहे निर्दोष छात्रों पर हुई प्राथमिकी को अविलंब वापस लेने, झारखंड चयन आयोग के अध्यक्ष सहित सभी अधिकारियों को बर्खास्त करने और गलत तरीके से चयनित परीक्षा एजेंसी को काली सूची में डालने एवं झारखंड नकल कानून के तहत कानूनी कार्रवाई करने की मांग आदि शामिल है। मौके पर छात्र आजसू के दीपक पांडेय ने कहा कि अभी यह आंदोलन समाप्त नहीं होने वाला है। जब तक दोषियों के ऊपर उचित कानूनी कार्रवाई नहीं हो जाती, तब तक छात्र आजसू सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ते रहेगा।
प्रदर्शन में ये हुए शामिल
इस प्रदर्शन में आजसू पार्टी के प्रधान महासचिव राम चंद्र सहिस, केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत, केंद्रीय प्रवक्ता सुधीर यादव, केंद्रीय महासचिव रविशंकर मौर्य, डॉ. अशोक नाग,नमन ठाकुर, एस अली, हरीश कुमार, जबार अंसारी, राजेश महतो, गजाधर महतो, चेतन प्रकाश, अजीत दीपक पांडेय, नीरज वर्मा, विजय महतो, नीतीश सिंह, वेदांत किंकु समेत रांची विश्वविद्यालय
अध्यक्ष अभिषेक शुक्ला, नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय अध्यक्ष अभिषेक राज, विनोबा भावे विश्वविद्यालय अध्यक्ष अनुराग भारद्वाज देवा महतो, कोल्हान विश्वविद्यालय अध्यक्ष हेमंत पाठक, धर्मराज प्रधान, सिद्दो कान्हु विश्वविद्यालय अध्यक्ष निर्मल मंडल,
सभी जिला अध्यक्ष छात्रसंघ-जमाल गद्दी, दीपक दुबे, विशाल यादव, विजय महतो, फूल सिंह बड़ाईक, रविंद्र ठाकुर, शानू कुमार, विशाल प्रजापति, अमित यादव, तनवीर हसन, विनोद रजक, जानकी महतो, सूरज कुशवाहा, तापस महतो, कुणाल किशोर ठाकुर, मुकेश कुमार, कुंदन चंद्रवंशी समेत कई छात्र शामिल हुए।
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