

सेंट्रल डेस्क। CAA Rules In India: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार 12 मार्च को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के संबंध में भारतीय मुसलमानों और छात्रों के एक वर्ग की आशंका को दूर करने की कोशिश करते हुए बयान जारी किया। गृह मंत्रालय ने बयान में कहा कि ’18 करोड़ भारतीय मुसलमानों को किसी भी स्थिति में नागरिकता संशोधन अधिनियम से डरने की जरूरत नहीं है।

इससे उनकी नागरिकता और समुदाय पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वे भारत में रहने वाले हिंदुओं की तरह ही अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर सकते हैं। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया कि सीएए के बाद किसी भी भारतीय नागरिक को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कोई दस्तावेज पेश करने के लिए नहीं कहा जाएगा।

CAA Rules In India- गृह मंत्रालय ने क्या कहा?
गृह मंत्रालय ने बयान में कहा, “भारतीय मुसलमानों को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस कानून में उनकी नागरिकता को प्रभावित करने वाला कोई प्रावधान नहीं है। नागरिकता कानून का वर्तमान 18 करोड़ भारतीय मुसलमानों से कोई लेना-देना नहीं है, जिनके पास अपने समकक्ष हिंदू भारतीय नागरिकों के समान अधिकार हैं।’’

केंद्र ने 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत आए पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के बिना दस्तावेज वाले गैर-मुस्लिम प्रवासियों के लिए तेजी से नागरिकता प्रदान करने के वास्ते नागरिकता संशोधन कानून को सोमवार को अधिसूचित किया। गृह मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ”उन तीन मुस्लिम देशों में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के कारण पूरी दुनिया में इस्लाम की छवि बुरी तरह खराब हुई है। हालांकि, इस्लाम एक शांतिपूर्ण धर्म होने के नाते, कभी भी धार्मिक आधार पर घृणा, हिंसा, उत्पीड़न को बढ़ावा नहीं देता है।” बयान में कहा गया कि यह कानून अत्याचार के नाम पर इस्लाम की छवि खराब होने से बचाता है।
नागरिकता के लिए आवेदन की योग्यता अवधि पांच साल
बयान में कहा गया कि अन्य धर्मों वाले भारतीय नागरिकों की तरह भारतीय मुस्लिमों के लिए आजादी के बाद से उनके अधिकारों की स्वतंत्रता और अवसर को कम किए बिना सीएए ने 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले भारत आने वाले लोगों के उत्पीड़न की पीड़ा को कम करने और उनके प्रति उदार व्यवहार दिखाने के उद्देश्य से नागरिकता के लिए आवेदन की योग्यता अवधि को 11 से कम कर पांच साल कर दिया है।
गृह मंत्रालय ने बताया क्यों थी CAA की जरूरत
सीएए लाने के औचित्य पर जोर देते हुए गृह मंत्रालय ने कहा कि उन तीन देशों के उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों के प्रति सहानुभूति दर्शाने के लिए यह कानून भारत की उदार संस्कृति के अनुसार उनके सुखी और समृद्ध भविष्य के लिए उन्हें भारतीय नागरिकता प्राप्त करने का अवसर देता है। बयान में कहा गया, ”नागरिकता प्रणाली में जरूरत के अनुसार बदलाव लाने और अवैध प्रवासियों को नियंत्रित करने के लिए इस कानून की आवश्यकता थी।”
11 मार्च को जारी हुआ था CAA का नोटिफिकेशन
बता दें, केंद्र ने बीते सोमवार यानि 11 मार्च को CAA का नोटिफिकेशन जारी किया था। इसके साथ ही यह कानून देशभर में लागू हो गया। असल में मुस्लिमों के एक धड़े ने CAA को लेकर चिंता जताई थी। गृह मंत्रालय ने इसी को क्लियर किया है।
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