Home » उत्तराखंड के जंगलों में भीषण आग, हेलीकॉप्टर से किया जा रहा पानी का छिड़काव

उत्तराखंड के जंगलों में भीषण आग, हेलीकॉप्टर से किया जा रहा पानी का छिड़काव

by Rakesh Pandey
Nainital Forest Fire
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Follow Now

देहरादून : Nainital Forest Fire: उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों पर जंगल में लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। नैनीताल में शुक्रवार को हाईकोर्ट कॉलोनी के पास तक उसकी लपटें पहुंच गईं, जबकि रुद्रप्रयाग जिले के जंगल में आग लगाते तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

पिछले 24 घंटों में विभिन्न स्थानों पर जंगलों में आग लगने की 31 नई घटनाएं सामने आईं, जिनमें 33.34 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ। दावानल के बढ़ते कहर के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को अलर्ट रहने और सभी विभागों के साथ समन्वय कर उसकी रोकथाम के उपाय करने को कहा है।

आग बुझाने के लिए हेलीकॉप्टर की ली गई मदद

कई जगह तो जंगल की आग आबादी तक पहुंच रही है। चिलचिलाती गर्मी में आग पर काबू पाना वन विभाग के बूते से भी बाहर की बात हो गई। इसके बाद आज सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर की मदद ली गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद हालात पर नजर रखे हुए हैं और लगातार आग बुझाने के कार्य की मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। आग पर काबू पाने के लिए हेलीकॉप्टर ने भीमताल झील से पानी भरकर जंगलों में बौछारें की।

वन क्षेत्राधिकार विजय मेलकानी के अनुसार, जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए वायु सेना के हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है। दोपहर तक हेलीकॉप्टर ने तीन बार झील से पानी भरकर जंगलों में लगी आग पर बौछारें डाली हैं।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा (Nainital Forest Fire)

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आग पर काबू पाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही आग पर काबू पा लिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय वायु सेना के एक हेलीकॉप्टर ने आग बुझाने का काम पहले ही शुरू कर दिया है।’’ धामी ने कहा कि वह स्थिति की समीक्षा के लिए आज हल्द्वानी में वन अधिकारियों के साथ एक बैठक करेंगे। रुद्रप्रयाग में जंगलों में आग लगाने की कोशिश के आरोप में शुक्रवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

690 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वनसंपदा को नुकसान

इस साल सूखे जंगलों में अलग-अलग जगहों पर आग लगने की घटना सामने आ रही हैं। नैनीताल के जंगलों में आग लगने की खबर के बाद ही दमकल विभाग और वन विभाग के कर्मी आग पर काबू पाने में लगे हुए हैं। सर्वाधिक आग लगने की घटना कुमाऊं में 26 स्थानों पर हुई। गढ़वाल मंडल के वन्यजीव क्षेत्र में पांच स्थानों पर आग लगने की घटनाएं हुईं।

इन घटनाओं में करीब 34 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वनसंपदा को नुकसान पहुंचा है। वहीं, प्रदेश में नवंबर-2023 से 575 वनाग्निन की घटनाएं हुई हैं, इसमें करीब 690 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वनसंपदा को नुकसान पहुंच चुका है।

READ ALSO: बिहार की राजधानी पटना के एक होटल में लगी आग, छह की मौत, कई घायल

Related Articles