धनबाद: Dhanbad Water Crisis : जल संकट की समस्या वैसे तो झारखंड क्या पूरे देश में है लेकिन झारखंड के धनबाद के कई इलाके ऐसे हैं जहां पानी की भयंकर राशनिंग की जा रही है। हालत यह है कि महीने में दस-दस दिन तक लोग टकटकी लगाए रहते हैं कि कब पानी की आपूर्ति हो और उन्हें पानी मिले। धनबाद जिले के पुटकी, करेकेंद, लोयाबाद, केंदुआ, गोधर, न्यू मेरिंग, गोपालीचक समेत तमाम ऐसे इलाके हैं जहां पर लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।

Dhanbad Water Crisis : महीने में तीन से चार बार होती है आपूर्ति
इन इलाकों में सात से 10 दिनों के अंतराल पर जलापूर्ति की जा रही है। इस हिसाब से देखा जाए तो महीने में तीन से चार ही लोगों को जलापूर्ति का पानी नसीब हो रहा है। इससे उनकी जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं। संबंधित इलाकों में करकेंद स्थित झमाड़ा के पानी टंकी से पानी की आपूर्ति की जाती है। पानी की समस्या से जूझ रहे लोगों की नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। पुटकी, लोयाबाद और केंदुआ चेंबर आफ कामर्स ने इस समस्या को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है।
Dhanbad Water Crisis : करीब एक लाख आबादी जूझ रही संकट से
पुटकी, करेकेंद, लोयाबाद, केंदुआ, गोधर, न्यू मेरिंग, गोपालीचक समेत आसपास के इलाकों की आबादी कुल मिलाकर लगभग एक लाख है। इन इलाकों में पेयजल आपूर्ति की जिम्मेवारी झमाडा के करकेंद पानी टंकी की है। समस्या के लिए खराब प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि करकेंद पानी टंकी के कर्मी मनमानी करते हैं। समय निर्धारित कर सभी इलाकों में जलापूर्ति की जाए तो सभी लोगों को जरूरत के हिसाब से पानी मिल सकता है।
Dhanbad Water Crisis : आंदोलन की तैयारी
इन इलाकों में अनियमित जलापूर्ति होने का एक अन्य प्रमुख कारण अनियमित बिजली आपूर्ति का होना भी है। हालांकि लोगों का सब्र अब जवाब देने लगा है। केंदुआ चेंबर के साथ जुड़कर आम लोग अब आंदोलन का मूड बना चुके हैं। आंदोलन के लिए रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है। शुक्रवार की शाम मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद 20 जुलाई को घेराव करने का निर्णय लिया गया है।
Read Also-धनबाद : जल संकट झेल रहे लोगों ने सड़क पर लगाया जाम, धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित

