कोलकाता : कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ हुई भयावह घटना को लेकर अभी भी देशभर में गुस्सा है। न्याय और कार्यस्थल की सुरक्षा की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टरों का आमरण अनशन 10 दिनों से जारी है। अब तक भूख हड़ताल पर बैठे तीन डॉक्टरों की हालत बिगड़ गई है। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

डॉक्टर्स की भूख हड़ताल की शुरुआत 5 अक्टूबर को हुई, जो दो चरणों में लगभग 50 दिनों के ‘काम बंद’ के बाद शुरू हुई।
भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) ने शुक्रवार को प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से स्थिति बिगड़ने से पहले हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था। निजी अस्पतालों के डॉक्टर्स ने आंदोलनरत जूनियर डॉक्टरों के साथ एकजुटता दिखाते हुए पश्चिम बंगाल में 14 अक्टूबर से 48 घंटे के लिए ‘आंशिक रूप से काम बंद’ करने का आह्वान किया है। वहीं, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने भी चेतावनी दी है।
पश्चिम बंगाल भाजपा ने डॉक्टरों की हड़ताल का समर्थन किया है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने कहा कि वह पश्चिम बंगाल में अपने सहकर्मियों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए सोमवार को इमरजेंसी और ओपीडी सेवाएं बंद रखने का ऐलान किया है।
देशभर के कई रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) ने भी हड़ताल का समर्थन किया। हालांकि, एसोसिएशन ने सभी RDA से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि आपातकालीन सेवाएं चौबीसों घंटे चालू रहें। कोलकाता में पिछले 10 दिनों से सात डॉक्टर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। इनमें से तीन की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
एसोसिएशन ने एक बयान में कहा है कि काफी विचार-विमर्श करने के बाद सर्वसम्मति से फैसला किया है कि अब राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होने का समय आ गया है। हमने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए पिछले पत्र में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को अल्टीमेटम दिया था लेकिन उनकी ओर से कोई भी संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है।
कोलकाता के डॉक्टरों के समर्थन में FAIMA ने 10 मांगों को पूरा करने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि वह सोमवार को सरकार का रुख देखने के बाद आगे की प्लानिंग तय करेगी। वहीं, आज सुप्रीम कोर्ट में भी मामले की सुनवाई होनी है। कोलकाता के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों ने 48 घंटे के बंद का ऐलान किया है। IMA के जूनियर डॉक्टर 15 अक्टूबर को देशभर में अनशन करेंगे। जो सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक जारी रहेगा।
इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है- FAIMA
वहीं, बंद के ऐलान को लेकर एसोसिएशन की ओर से एक खुला पत्र भी जारी किया गया है। यह पत्र राष्ट्रीय मेडिकल एसोसिएशन, राज्य रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन और विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) को लिखा गया है। इसमें कहा गया है कि हम सभी आरडीए और एसोसिएशन से अनुरोध करते हैं कि वे चौबीसों घंटे आपातकालीन सुविधाएं जारी रखें, क्योंकि जिन मरीजों को हमारी तत्काल सेवा की जरूरत है, उन्हें परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
क्या है डॉक्टरों की मांग
-स्वास्थ्य सचिव एनएस निगम को तत्काल हटाने की भी मांग
-अस्पतालों में अपनी सुरक्षा की मांग, टास्क फोर्स के गठन की मांग
-अस्पतालों के लिए सेंट्रलाइज्ड रेफरल सिस्टम की स्थापना की मांग
-अस्पतालों में पुलिस सुरक्षा बढ़ाने, स्थायी महिला पुलिस कर्मियों की भर्ती की मांग
-अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के रिक्त पदों को तेजी से भरने की मांग
गौरतलब है कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक लेडी ट्रेनी डॉक्टर की लाश मिली थी। जब मामला विवादों में आया, तो पता चला कि डॉक्टर से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। यह मामला कलकत्ता हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और फिर सीबीआई को इसकी जांच सौंप दी गई। घटना के लगभग दो महीने बाद महिला डॉक्टर को इंसाफ मिलने की उम्मीद नजर आ रही है। महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में कलकत्ता पुलिस ने 10 अगस्त को आरोपी संजय राय को गिरफ्तार किया था।

