सेंट्रल डेस्क। 288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कुल 7994 उम्मीदवारों के नामांकन को वैध करार दिया गया, जब कि 921 उम्मीदवारों का नामांकन रद्द कर दिया गया है। गुरूवार को एक अधिकारी द्वारा इस बाबत जानकारी दी गई। राज्य में 20 नवंबर को चुनाव होने है, जिसके लिए नामांकन की प्रक्रिया 22 अक्तूबर से शुरू की गई थी और नामांकन की अंतिम तिथि 29 अक्तूबर तय की गई थी।

रणनीति बनाने में जुटे सभी दल
15 अक्तूबर को चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद से ही राज्य में सभी नेता अपनी रणनीति बनाने में जुट चुके थे। महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन और महाविकास अघाड़ी के बीच मुख्य मुकाबला है। मौजूदा समय में महाराष्ट्र में महायुति की सरकार है, जिसमें बीजेपी, शिवसेना और NCP शामिल है औऱ एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री है।
पिछली बार बीजेपी को मिली थी सबसे अधिक सीटें
महाराष्ट्र में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सबसे अधिक 105 सीटों पर जीत मिली थी, वहीं शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत दर्ज की थी। जबकि NCP को 54 और कांग्रेस को 44 सीटों पर जीत मिली थी।
पांच साल में बदले राजनीतिक हालात
2019 के चुनाव में कांग्रेस और एनसीपी के लिए मुद्दा सेक्युलरिज्म था औऱ बीजेपी-शिवसेना गठबंधन के लिए हिंदुत्व और मराठा था। इन 5 सालों में पार्टियों की विचारधारा में काफी बदलाव दिखे है। बीजेपी-एनसीपी (अजित) सेक्युलर के साथ है, तो कांग्रेस और एनसीपी (शरद) हिंदुत्व और मराठा मानुष के साथ चुनावी मैदान में है। इन सबके अलावा मुख्य मुद्दा तोड़फोड़ और गद्दारी भी है, जिसे लेकर एनसीपी (शरद) ने एक टीजर भी जारी किया था। महाराष्ट्र के चुनाव में दिल्ली की राजनीति भी बड़ा मसला है। हाल ही में राज्यपाल ने 7 विधायकों का मनोनयन किया था। इसका इल्जाम भी विपक्ष ने केंद्र सरकार पर लगाया था।

