नारायणपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले से एक बार फिर नक्सलियों की कायराना करतूत सामने आई है। यहां पर सड़क निर्माण की सुरक्षा में तैनात डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के दो जवान आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आकर घायल हो गए। यह घटना कच्चापाल इलाके में हुई, जहां कुछ दिन पहले ही सुरक्षा बलों ने नया कैंप स्थापित किया था।

घटना की पुष्टि: दो जवान घायल, एक की हालत गंभीर
नारायणपुर जिले के एसपी प्रभात कुमार ने इस घटना की पुष्टि की है और बताया कि घायल जवानों में से एक की हालत गंभीर है। दोनों जवानों को तात्कालिक उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। घायल जवानों की पहचान घासीराम मांझी और जनक पटेल के रूप में हुई है। वे सड़क निर्माण कार्य की सुरक्षा में तैनात थे, जब नक्सलियों ने उनके पास आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) रखा था, जो ब्लास्ट हो गया। घटना के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
नक्सलियों की साजिश: सुरक्षा में तैनात जवानों को किया निशाना
जानकारी के अनुसार, कच्चापाल क्षेत्र में डीआरजी जवान सड़क निर्माण कार्य की सुरक्षा में लगे हुए थे। इसी दौरान नक्सलियों ने उनके रास्ते में एक आईईडी ब्लास्ट कर दिया। यह ब्लास्ट इतना शक्तिशाली था कि दोनों जवान घायल हो गए। यह घटना नक्सलियों की नफरत और हिंसा का उदाहरण है, जो सुरक्षा बलों को कमजोर करने के लिए इस तरह की कायराना हरकतें करते हैं।
सुरक्षाबलों की सतर्कता से बड़ा हादसा टला
इससे पहले, गुरुवार को बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की एक और बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया था। नक्सलियों ने सीरियल बारूदी सुरंगों के जरिए सुरक्षाबलों के वाहनों को निशाना बनाने की कोशिश की थी। मुडवेंदी स्थित CRPF कैम्प के पास सड़क पर इन सुरंगों को बिछाया गया था, लेकिन सीआरपीएफ के 199 बटालियन के जवानों ने अपनी सतर्कता से इन बमों को बरामद कर नष्ट कर दिया।
नक्सलियों ने 5-5 किलो के 5 बम रखे थे
जवानों ने बारूदी सुरंगों के बीच से 5 बमों को बरामद किया, जो 5-5 किलोग्राम वजन के थे। इन बमों को ब्लास्ट कर नष्ट किया गया। नष्ट करते वक्त इन बमों से जो धमाका हुआ, वह किसी भी व्यक्ति को हैरान कर सकता था। सीआरपीएफ के जवानों की सतर्कता और बहादुरी के चलते एक बड़ा हादसा टल गया और कई जानें बच गईं।
नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी
नक्सलियों की इस तरह की कायराना हरकतें अब सामान्य हो चुकी हैं, लेकिन सुरक्षाबल इनका जवाब देने में पीछे नहीं हैं। इन हमलों के बावजूद सुरक्षा बलों ने इलाके में अपनी जड़ों को मजबूत करना जारी रखा है। राज्य और केंद्र सरकार की तरफ से नक्सलवाद के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है, और ऐसे हमलों के बाद सुरक्षाबल और भी मजबूत और सतर्क हो जाते हैं।नक्सलवाद के खात्मे के लिए सुरक्षाबल हर दिन नई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इस तरह की घटनाएं यह साबित करती हैं कि नक्सलियों के खिलाफ यह लड़ाई अभी पूरी नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा बलों का मनोबल मजबूत है और वे नक्सलियों के खात्मे के लिए हर मुमकिन कदम उठा रहे हैं।

