सेंट्रल डेस्क। कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी ने अपने शो “हफ्ता वसूली” को लेकर कानूनी परेशानी का सामना किया है, जो Jio Hotstar पर स्ट्रीम हुआ था। शिकायत के अनुसार, इस शो ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और अश्लीलता को बढ़ावा दिया है। वकील अमिता सचदेवा ने शिकायत की एक प्रति X पर साझा की, जिसमें उनके द्वारा मुनव्वर फारूकी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

आरोप और कानूनी कार्यवाही
शिकायत में मुनव्वर फारूकी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की धाराओं 196, 299 और 353 के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, शो ने कई धर्मों का अपमान किया है, सांस्कृतिक मूल्यों का उल्लंघन किया है और युवाओं और समाज पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। वकील अमिता सचदेवा ने अपनी पोस्ट में मुनव्वर फारूकी को “आदतन अपराधी” करार दिया और कहा कि शिकायत को अधिकारियों को ईमेल किया गया है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि जल्द ही शिकायत की एक हार्ड कॉपी भी प्रस्तुत की जाएगी। यदि कोई कार्रवाई नहीं की जाती, तो उन्होंने अदालत का रुख करने की धमकी दी हैं ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
हिंदू जनजागृति समिति की मांग
दक्षिणपंथी संगठन हिंदू जनजागृति समिति ने भी “हफ्ता वसूली” शो का विरोध किया है। समूह ने शो पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि कि इसमें प्रयोग की गई गालियां सार्वजनिक रूप से अस्वीकार्य हैं। उनकी आधिकारिक पोस्ट में कहा गया है कि शो “नैतिक मूल्यों को नष्ट कर देता है” और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स से जिम्मेदारी से कंटेंट को नियंत्रित करने की अपील की गई है।
पिछले विवाद
यह पहली बार नहीं है जब मुनव्वर फारूकी को उनके कंटेंट के लिए कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। उन्हें पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में उनके कई शो रद्द हो चुके हैं।
इसके अलावा, हफ्ता वसूली को लेकर विवाद रणवीर अलाहाबादिया के हालिया विवादास्पद बयान के बाद हुआ है, जिसमें उनके “पैरेंटल सेक्स” पर टिप्पणी करने से व्यापक नाराजगी फैली थी। उस चर्चा में शामिल अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों के खिलाफ भी कई FIR दर्ज की गई हैं।
आगे क्या होगा?
हफ्ता वसूली के खिलाफ कई बैन की मांगें उठ चुकी हैं, अब यह देखना होगा कि जियोहॉटस्टार और कानूनी अधिकारी इस पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं। मुनव्वर फारूकी ने अभी तक शिकायत के बारे में कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। यदि अधिकारी कानूनी कार्यवाही शुरू करते हैं, तो यह भारत के OTT कंटेंट नियमन में एक और बड़ा विवाद हो सकता है।

