नई दिल्ली : संसद में नए आव्रजन विधेयक को मंजूरी मिलने पर जाली पासपोर्ट या वीजा का उपयोग करने पर गंभीर सजा का प्रावधान किया गया है। इस विधेयक के तहत, भारत में प्रवेश, रहने या बाहर जाने के लिए जाली पासपोर्ट या वीजा का उपयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति को सात साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत तैयार किए गए इस विधेयक में, होटलों, विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और नर्सिंग होम्स द्वारा विदेशी नागरिकों के बारे में सूचना देना अनिवार्य किया गया है, ताकि जो विदेशी निर्धारित समय से अधिक समय तक भारत में रुकें, उन पर नजर रखी जा सके। उन्हें पकड़ा जा सके।
11 मार्च को लोकसभा में पेश किए गए विधेयक के अनुसार, ‘‘जो कोई भी जानबूझकर जाली पासपोर्ट या अन्य यात्रा दस्तावेजों या वीजा का उपयोग भारत में प्रवेश करने, भारत में रहने या भारत से बाहर जाने के लिए करेगा, उसे कम से कम दो साल की सजा दी जाएगी, जो सात साल तक बढ़ाई जा सकती है। इसके साथ ही, उस पर एक लाख रुपये से लेकर दस लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।’’
आव्रजन और विदेशी विधेयक, 2025 एक व्यापक कानून होगा, जो विदेशियों और आव्रजन से संबंधित सभी मामलों को विनियमित करेगा। वर्तमान में, इन मामलों को चार अलग-अलग अधिनियमों के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है, जिनमें पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम, 1920; विदेशियों का पंजीकरण अधिनियम, 1939; विदेशी अधिनियम, 1946 और आव्रजन (वाहक दायित्व) अधिनियम, 2000 शामिल हैं। इन सभी कानूनों को अब निरस्त करने का प्रस्ताव है।
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