- – श्रीलंकाई एजेंट के साथ मिल कर फर्जी दस्तावेजों से कनाडा भेजने की कोशिश नाकाम –
- आईजीआई हवाई अड्डा पुलिस ने पकड़ा धोखेबाज एजेंट और श्रीलंकाई यात्री को पकड़ा
नई दिल्ली : आईजीआई हवाई अड्डा पुलिस ने अवैध तरीके से विदेश यात्रा कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक भारतीय एजेंट रामर के. को गिरफ्तार किया गया, जो एक श्रीलंकाई एजेंट के साथ मिलकर एक श्रीलंकाई यात्री को कनाडा भेजने की साजिश में शामिल था। इसके अलावा, एक श्रीलंकाई महिला यात्री को भी फर्जी दस्तावेजों के साथ कनाडा जाने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया।पुलिस अधिकारी ने बताया कि 7 मई को आईजीआई हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने एक श्रीलंकाई नागरिक, सुरेका महेंथिरम (35) को फर्जी फ्रांसीसी पासपोर्ट और फर्जी फ्रांसीसी पहचान पत्र का उपयोग कर टोरंटो, कनाडा जाने की कोशिश करते हुए पकड़ा।

जांच में पता चला कि सुरेका ने काठमांडू जाने वाली फ्लाइट एयर इंडिया की फ्लाइट के लिए इमिग्रेशन क्लीयरेंस प्राप्त किया था, लेकिन वह एयर इंडिया की फ्लाइट से टोरंटो जाने का प्रयास कर रही थी। इसके लिए उसने एक अन्य श्रीलंकाई मूल की फ्रांसीसी नागरिक, साहिला सेल्लाप्पा (38) का बोर्डिंग पास स्वैप किया था, जिसके पास कनाडा के लिए वैध ई-टीए था।
इस साजिश में एक अन्य श्रीलंकाई नागरिक, सुब्रमण्यम मरिमुथु (55) ने इमिग्रेशन सिस्टम और सुरक्षा स्टैंप को फर्जी तरीके से तैयार किया था और बाद में इन स्टैंप को नष्ट कर दिया था। उसने काठमांडू जाने वाली फ्लाइट के लिए इमिग्रेशन क्लीयरेंस लिया पर गया नहीं। पूछताछ में पता चला कि सुरेका 11 मार्च को पर्यटक वीजा पर भारत आई थी और दिल्ली के आरके आश्रम क्षेत्र के एक होटल में ठहरी थी। उसकी मां, जो जाफना में मैरिज ब्रोकर है, ने श्रीलंकाई एजेंट थारन से संपर्क किया, जिसने 25 लाख रुपये के बदले बोर्डिंग पास स्वैप करके सुरेका को कनाडा भेजने का वादा किया।साहिला 3 मई को भारत आई थी और दिल्ली के पहाड़गंज के विवेक होटल में ठहरी थी।
उसने आर्थिक तंगी के कारण उसने थारन के 2500 यूरो के ऑफर को स्वीकार किया और बोर्डिंग पास स्वैप करने में मदद की। सुब्रमण्यम, जो 3 अप्रैल को भारत आया था, ने थारन के निर्देश पर बोर्डिंग पास स्वैप की व्यवस्था की और इसके लिए उसे 2 लाख रुपये का भुगतान करने का वादा किया गया था।
पुलिस ने इनकी निशानदेही पर इनके भारतीय सहयोगी रामर के. (52) को उसके एक ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया गया।रामर ने ही थारन को भारतीय सिम कार्ड प्रदान किया था, जिसका उपयोग तीनों आरोपियों के साथ बात के लिए करता था। उसने ही उनकी रहने की व्यवस्था की और घटना वाले दिन उन्हें हवाई अड्डे तक पहुंचाया था।पुलिस अब थारन को पकड़ने और इस गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने के लिए जांच कर रही है। आरोपियों के बैंक खातों की जांच की जा रही है और अन्य समान मामलों में उनकी संलिप्तता की पड़ताल की जा रही है।
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