धनबाद : जिले के सदर अस्पताल में बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक तीन नवजात बच्चों की मौत ने झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीनों नवजात की मौत अलग-अलग मामलों में हुई, जिनमें प्रसव के लिए अस्पताल लाई गई महिलाओं के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

अस्पताल में दो दिन में हुईं तीन नवजात की मौतें
Dhanbad Sadar Hospital : पहला मामला: तोपचांची की गर्भवती महिला
स्थान: तोपचांची, धनबाद
घटना: बुधवार रात को मुर्शिंद आलम की पत्नी तनीशा खातून को गंभीर अवस्था में धनबाद सदर अस्पताल लाया गया था।
आरोप: नवजात को एनआईसीयू सुविधा नहीं मिल पाई और मेडिकल कॉलेज रेफर करने के दौरान बच्चे की मौत हो गई।
Dhanbad Sadar Hospital : दूसरा मामला: निरसा प्रखंड की महिला
समय: गुरुवार दोपहर 2 बजे
घटना: निरसा से एक गर्भवती महिला को अस्पताल लाया गया, रास्ते में ही आंशिक प्रसव हो गया था।
परिणाम: नवजात की हालत अत्यंत गंभीर थी, प्रसव के बाद भी बच्चे को नहीं बचाया जा सका।
स्थिति: महिला का इलाज फिलहाल सदर अस्पताल में जारी है।
तीसरा मामला: गोविंदपुर से रेफर महिला
समय: गुरुवार सुबह 9 बजे
घटना: तलत अंसारी की पत्नी शमा परवीन को गोविंदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रेफर किया गया था।
नतीजा: सदर अस्पताल में प्रसव कराया गया लेकिन नवजात की मौत हो गई।
Dhanbad Sadar Hospital : विधायक राज सिन्हा ने स्वास्थ्य मंत्री पर लगाया लापरवाही का आरोप
इन तीनों मामलों को लेकर धनबाद विधायक राज सिन्हा ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री सिर्फ कफन और शव निःशुल्क देने की बातें करते हैं, लेकिन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। विधायक ने कहा कि सदर अस्पताल में बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी है, जिससे लगातार नवजातों की जान जा रही है।
जिला प्रशासन और NHM का बयान
धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने मामले पर बयान देते हुए बताया कि तीनों नवजात गंभीर स्थिति में अस्पताल लाए गए थे। डॉक्टरों द्वारा हरसंभव प्रयास किया गया, लेकिन स्थिति बेहद नाजुक थी। अस्पताल की सेवाएं सुधारने की दिशा में प्रशासनिक कार्यवाही जारी है। NHM निदेशक ने कहा कि मामले की आंतरिक जांच की जा रही है, और आवश्यकता होने पर जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।

