

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम और खूंटी जिला पुलिस के संयुक्त अभियान ने नक्सलियों की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। पश्चिमी सिंहभूम जिले के सीमावर्ती क्षेत्र खूंटी जिला के अड़की थाना क्षेत्र अंतर्गत कुयंगा पुलिस कैंप से सटे बनमगड़ा के घने जंगल में सोमवार को सुरक्षाबलों ने 18 शक्तिशाली आईईडी बरामद किए हैं। प्रत्येक विस्फोटक का वजन लगभग तीन किलोग्राम था।

Chaibasa IED Bomb Recovered : सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप
विस्फोटक की इतनी बड़ी बरामदगी से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। फिलहाल बम निरोधक दस्ते द्वारा इन विस्फोटकों को जंगल में ही निष्क्रिय कर दिया है। पश्चिमी सिंहभूम जिला के पुलिस कप्तान राकेश रंजन ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नक्सलियों द्वारा खूंटी क्षेत्र में आईईडी प्लांट किए गए हैं। सीआरपीएफ 60वीं बटालियन और झारखंड जगुआर की टीम ने खूंटी पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद अड़की थाना पुलिस के साथ समन्वय कर सघन सर्च अभियान चलाया गया, जिसके तहत बनमगड़ा जंगल से 18 आईईडी बरामद किए गए।

Chaibasa IED Bomb Recovered : नक्सलियों का सुरक्षित अड्डा रहा है बनमगड़ा
गौरतलब है कि बनमगड़ा क्षेत्र नक्सलियों का पुराना सुरक्षित अड्डा रहा है। यहां से वे आड़ाहातू, रेसुद, कुडुम्दा और जटुआ जैसे इलाकों में बेरोकटोक आवाजाही किया करते थे। सुरक्षा बलों का यह अभियान माओवादियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम करने में सफल रहा है।

Chaibasa IED Bomb Recovered : नक्सल विरोधी अभियान में एक और उपलब्धि
चाईबासा जिले में इस कार्रवाई से नक्सल विरोधी अभियान की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इलाके में तलाशी अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि किसी भी तरह के खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके।
