Chakrdharpur (Jharkhand) : ट्रेन कब से समय पर चलेगी? चक्रधरपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम के पास इस सवाल का जवाब नहीं है। शुक्रवार को प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों ने जब यह सवाल पूछा तो सीनियर डीसीएम इसका जवाब देने से बचते नजर आए। इसके अलावा उन्होंने मंडल के चांडिल सेक्शन में ऑटो सिग्नल सिस्टम को लेकर अहम जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि चांडिल सेक्शन में ऑटो सिग्नल सिस्टम के कारण ट्रेनें कम दूरी के फासले पर चलती हुई दिखाई देती हैं। लोगों को ऐसा भ्रम हो रहा है कि ट्रेनें दुर्घटनाग्रस्त हो जाएंगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। हर ट्रेन एक दूसरे से सुरक्षित रूप से कम दूरी के फासले पर ऑटो सिग्नल में चल रही है। इसलिए यात्रियों को भयभीत और भ्रम में आने की जरूरत नहीं है।
बंकिंग रेल इंजन और पुश पुल रेल इंजन को लेकर भ्रम
उन्होंने कहा कि कभी-कभी कुछ मालगाड़ी में बंकिंग रेल इंजन और पुश पुल रेल इंजन भी लगाया जाता है। मालगाड़ी के पिछले हिस्से में भी इंजन होने के कारण उसके पीछे चल रही ट्रेन को लगता है कि आगे से ट्रेन आ रही है। यह भी एक भ्रम की स्थिति है।
सीनियर डीसीएम ने कहा कि रेलवे के द्वारा नियमों के तहत ऑटो सिग्नल सेक्शन में सुरक्षित ट्रेन चलाई जा रही है। इसलिए यात्रियों को डरने की जरूरत नहीं है।
अपग्रेडिंग, सुधार और विकास कार्य का हवाला
पत्रकारों ने जब चक्रधरपुर रेल मंडल में लेट चल रही ट्रेनों पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि मंडल में कुछ सिस्टम अपग्रेडिंग, सुधार और विकास कार्य चल रहे हैं। इन कार्यों के पूरा होने पर ट्रेनें समय पर चलने लगेगी, लेकिन ट्रेन कब से समय पर चलेगी इसका जवाब उनके पास नहीं था। ट्रेनों के लेट चलने से यात्री त्रस्त हैं। सबसे खराब हाल इस्पात एक्सप्रेस का है। मंडल में दिन में चलने वाली चेयर कार वाली यह ट्रेन रात में चल रही है वह भी 17 घंटे से ज्यादा लेट।
बता दें कि विगत 10 दिसंबर को दिन में चलने वाली ट्रेन संख्या 12871 इस्पात एक्सप्रेस 17 घंटे से ज्यादा लेट रात में चली। 11 दिसंबर को 12872 इस्पात एक्सप्रेस 16 घंटे से ज्यादा लेट चली। 11 दिसंबर को 22861 कांटाबाजी इस्पात एक्सप्रेस 10 घंटे लेट चली। इन हालातों में लोग ट्रेन में कैसे मुश्किलों का सफ़र कर रहे होंगे इसको आम इन्सान महसूस कर सकता है।
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