Jamshedpur : बर्मामाइंस इलाके में डेढ़ साल से कंपनी सड़क पर लगातार घेराबंदी कर रही है। इस वजह से सड़क बेहद संकरी हो गई है। इसका सीधा असर ट्रैफिक सिस्टम पर पड़ रहा है और इलाके में हर समय जाम की हालत बनी रहती है। इससे अक्सर लोगों की ट्रेन छूट जाती है। यह आरोप है बस्ती बचाओ संघर्ष समिति का। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का चौड़ीकरण अब बेहद जरूरी हो गया है। बस्ती बचाओ संघर्ष समिति ने इसके खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। 14 दिसंबर से धरना दिया जाएगा।

बताया जा रहा है कि सड़क संकरी होने की वजह से आम नागरिकों के साथ ही टाटा स्टील के कर्मचारी, एंबुलेंस में मरीज, स्कूल जाने वाले बच्चे और रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को जान जोखिम में डालकर आना-जाना पड़ता है। आरडी टाटा गोलचक्कर से गाढ़ाबासा होते हुए ट्यूब कंपनी और एनएचएल लेबोरेट्री तक पूरा इलाका अक्सर जाम से जूझता रहता है।
ईस्ट प्लांट बस्ती और कंचननगर के लोग रात 10 बजे के बाद घर से निकलने में असहज महसूस करते हैं। किसी इमरजेंसी, शादी-विवाह या जरूरी काम में निकलना बेहद कठिन हो जाता है, क्योंकि सड़क पर भारी वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं।
बर्मामाइंस बाजार के पास बनाए गए स्लैग प्वाइंट से फैल रहे प्रदूषण ने स्थानीय लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं को और बढ़ा दिया है। इस रोड से गुजरने वाले राहगीर भी प्रदूषण के दुष्प्रभाव से खुद को बचा नहीं पा रहे हैं।
इसके अलावा, नुवोको सीमेंट कंपनी की गाड़ियों द्वारा बर्मामाइंस स्थित पुंज कंपनी परिसर में अवैध रूप से पार्किंग कर पूरे सड़क मार्ग को बाधित करने और कथित रूप से अवैध उगाही करने का आरोप भी लगाया गया है। इससे जाम की समस्या और गंभीर हो गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जुस्को की तरफ से समय-समय पर बस्तियों को तोड़े जाने की बात कही जा रही है। इससे बस्ती वासियों में डर का माहौल बना हुआ है। साथ ही, गश्ती क्षेत्र में आने-जाने वाले मार्गों को बंद किए जाने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
इन तमाम समस्याओं के विरोध में बर्मामाइंस के नागरिकों ने सामूहिक निर्णय लेते हुए “बस्ती बचाओ संघर्ष समिति”के बैनर तले शांतिपूर्ण एक दिनी धरना देने का एलान किया है। यह धरना रविवार को दुर्गा पूजा मैदान, बर्मामाइंस में सुबह 11 बजे से आयोजित होगा।

