Jamshedpur : भुइयांडीह क्षेत्र के विकास को लेकर एक बड़ी पहल की शुरुआत मंगलवार को हुई है। भुइयांडीह अंतर्गत बाबूडीह लाल भट्टा, बाराघाट स्वर्णरेखा नदी के तट पर भुइयांडीह लिट्टी चौक से भिलाई पहाड़ी एनएच-33 तक स्वर्णरेखा नदी पर प्रस्तावित फोर लेन पुल निर्माण कार्य की बुधवार को शुरुआत हुई। आज यह कार्य का शुभारंभ जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने किया। इससे पहले, जमशेदपुर पूर्वी के तत्कालीन विधायक व वर्तमान में जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय की मौजूदगी में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 4 अक्टूबर 2024 को इस पुल का शिलान्यास कर चुके हैं।

बुधवार को कार्य के शुभारंभ के मौके पर विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि यह योजना पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल की है। उस समय इसे “सिग्नेचर ब्रिज” का नाम दिया गया था, लेकिन यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी थी।
गौरतलब है कि लिट्टी चौक ब्रिज का डीपीआर तैयार हो गया था और साल 2024 में इसका टेंडर फाइनल होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसका शिलान्यास कर दिया था। लेकिन, बाद में पथ निर्माण विभाग ने पुल की लंबाई को लेकर कुछ आपत्ति की। इसके बाद डिजाइन चेंज करने को लेकर मामला रांची में पथ निर्माण विभाग के हेड क्वार्टर में अटक गया था। वहां फाइल पड़ी हुई थी।
बाद में विधायक पुर्णिमा साहू ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया, सचिव स्तर पर बात की और कार्यपालक अभियंता दीपक सहाय से लगातार बातचीत के बाद अब फाइल आगे बढ़ी। इसके बाद लगभग महीना भर पहले पुल निर्माण के लिए तैनात की गई कार्यकारी एजेंसी ने मिट्टी जांच का काम शुरू कर दिया था।
विधायक पूर्णिमा साहू ने बताया कि इस परियोजना के तहत कुल 4 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा। स्वर्णरेखा नदी के एक तरफ दो किलोमीटर और दूसरी तरफ दो किलोमीटर फोर लेन सड़क का निर्माण होगा। पूरी योजना 49 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की जाएगी और इसे 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले विधायक सरयू राय द्वारा मुख्यमंत्री के साथ ऑनलाइन शिलान्यास किया गया था, लेकिन इसके बावजूद काम शुरू नहीं हो पाया था। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार पूर्व की योजनाओं को जमीन पर उतरने नहीं देना चाहती और हर योजना में टाल-मटोल करती है।
पूर्णिमा साहू ने कहा कि गोविंदपुर पुल सहित चार पुलों का निर्माण कार्य भी लंबे समय से रुका हुआ है, जो राज्य सरकार की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने स्थानीय लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस फ्लाईओवर और 4 लेन सड़क के निर्माण में बस्ती के किसी भी घर को नुकसान नहीं पहुंचेगा और किसी का भी घर नहीं तोड़ा जाएगा।

