हजारीबाग : झारखंड के हजारीबाग जिला अंतर्गत टाटीझरिया थाना क्षेत्र के अमनारी से लापता तीनों नाबालिग लड़कियां रविवार को देर रात घर वापस आ गईं। तीनों लड़कियां (15 वर्षीय सुलेखा कुमारी, 13 वर्षीय प्रीति कुमारी और 9 वर्षीयप्रिया कुमारी) हजारीबाग के दीपगढ़ा स्थित रोजबड स्कूल में छिप गई थीं, जहां से इन्हें रविवार को रात में वापस लाया गया।

बताया जाता है कि इन लड़कियों ने कुछ घरेलू काम नहीं किया था, जिस पर सुलेखा की मां और प्रीति व प्रिया ने इन्हें डांट-फटकार लगाई थी। इसके बाद तीनों मिल कर घर से झरपो गई और वहां से हजारीबाग चली गईं। वहां पहुंचने के बाद तीनों लड़कियां बस स्टैंड के किसी होटल में काम खोजने लगीं। वहां इन तीनों ने बताया कि उनके माता-पिता नहीं हैं, वे अनाथ हैं, इसलिए काम की तलाश में हैं। होटलवाले ने उन्हें दीपूगढ़ा स्थित स्कूल भेज दिया, जहां रोजबड स्कूल की संचालक ने इनके द्वारा बताए गए मनगढ़ंत बातों को सुनकर इन्हें शरण दी। उन्होंने इन बच्चियों का आधारकार्ड वगैरह मंगवाने की सलाह दी।
चूंकि शाम हो गई थी, इसलिए उन्हें स्कूल में ही रखा। इसी बीच दो लड़कियों प्रीति और प्रिया को घर की याद सताने लगी और वे रोने लगीं। स्कूल की संचालक ने इन्हें एक सौ रुपये देकर सवारी पकड़ लेने की सलाह दी। दोनों बच्चियां सवारी से टाटीझरिया पहुंचीं। रास्ते में इन्हें रोहित कुमार और सोनू कुमार मिले,जो अमनारी के ही हैं।
उन्होंने मुखिया प्रतिनिधि उपेंद्र पांडेय और महेश अग्रवाल को इसकी जानकारी दी। फिर थाना प्रभारी और जनप्रतिनिधि मिलकर दीपगढ़ा स्कूल जाकर वहां सो रही सुलेखा को सकुशल थाने में रात को 12 बजे लाया। यहां से इन बच्चियों को घर वालों को सौंप दिया गया।

