चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा में ठेकेदार और सामाजिक सेवक उपेंद्र प्रसाद ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार दोपहर हुई इस घटना ने सभी को हैरान कर दिया है। उपेंद्र प्रसाद एलएनटी यार्ड स्थित अपने कार्यालय में मृत पाए गए।
परिवार वालों के अनुसार उपेंद्र प्रसाद सुबह से ही अपने कार्यालय में काम कर रहे थे। किसी तरह की असामान्य बात नहीं थी। लेकिन दोपहर 2:30 बजे जब वे भोजन के लिए घर नहीं पहुंचे, तो परिजनों ने उन्हें फोन किया। लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद उनका बेटा उन्हें देखने कार्यालय पहुंचा, जहां वे फांसी पर लटके हुए पाए गए। इसके बाद उन्हें गुवा सेल अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच कर रही है। उपेंद्र प्रसाद की आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि उन्होंने यह कदम क्यों उठाया।
उपेंद्र प्रसाद गुवा क्षेत्र में एक समाजसेवी के रूप में जाने जाते थे और काली मंदिर के निर्माण में उनका महत्वपूर्ण योगदान था। वे धार्मिक, सामाजिक और जरूरतमंद लोगों की मदद के कार्यों में हमेशा आगे रहते थे।
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