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Ranchi News: रामगढ़ में 12 दिन पुआल के बिस्तर पर सोते रहे अंश-अंशिका, जानें मकान मालकिन ने क्या बताई कहानी

बच्चों की सकुशल बरामदगी के बाद धुर्वा में जश्न.

by Mujtaba Haider Rizvi
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Ranchi: रांची के धुर्वा इलाके से लापता अंश और अंशिका की सकुशल बरामदगी के बाद बुधवार को चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। दोनों बच्चे पिछले 12 दिनों से रामगढ़ जिले के ग्रामीण इलाके में सड़क पर फेरी लगाने वाले एक दंपत्ति के साथ रह रहे थे, जहां उन्हें पुआल के बिस्तर पर सुलाया जाता था।

पुलिस जांच में सामने आया कि सूर्या और उसकी पत्नी सोनम उर्फ सोनी बच्चों को लेकर रजरप्पा थाना क्षेत्र के चितरपुर प्रखंड स्थित जाने बस्ती के स्लम एरिया में छुपे हुए थे। पूरे झारखंड की पुलिस जहां बच्चों की तलाश में कई राज्यों में दबिश दे रही थी, वहीं दोनों आरोपी किराए के एक छोटे से कमरे में बच्चों को अपने साथ रखे हुए थे।

मकान मालकिन के बयान से खुली परतें

आरोपियों की मकान मालकिन रोशन आरा ने पुलिस को बताया कि सूर्या और सोनम ने बच्चों को मम्मी-पापा कहना तक सिखा दिया था। बच्चों से उनका व्यवहार इतना सामान्य था कि किसी को शक नहीं हुआ। सूर्या रोज फेरी लगाकर बर्तन बेचता था, जबकि कई बार सोनम भी काम पर बाहर जाती थी। दोनों के बाहर रहने पर बच्चे रोशन आरा के घर में ही खेलते रहते थे।

सूटकेस से मिले कई आधार कार्ड, जांच तेज

रामगढ़ एसपी अजय कुमार जब किराए के कमरे में पहुंचे तो एक सूटकेस बरामद हुआ। सूटकेस में बच्ची के कपड़ों के साथ विभिन्न नाम और जाति के कई आधार कार्ड मिले हैं। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया जा रहा था, इसकी गहन जांच शुरू कर दी गई है। रोशन आरा के घर से भी कई संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

बिहार अतिक्रमण अभियान का बनाया बहाना

रोशन आरा ने बताया कि सूर्या ने खुद को बिहार के औरंगाबाद जिले का निवासी बताया था। उसने दावा किया था कि बिहार में चले अतिक्रमण अभियान में उसका घर टूट गया है, इसलिए वह परिवार समेत रहने की जगह तलाश रहा है। बच्चों की हालत देखकर रोशन आरा ने मानवीय आधार पर 1000 रुपये मासिक किराए पर कमरा दे दिया था।

धुर्वा में जश्न, संघर्ष समिति ने उड़ाया अबीर-गुलाल

अंश और अंशिका की सुरक्षित वापसी पर रांची के धुर्वा इलाके में ‘अंश–अंशिका बचाओ संघर्ष समिति’ ने अबीर-गुलाल उड़ाकर खुशी जताई। समिति के संयोजक कैलाश यादव ने इसे न्याय और मानवता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि तमाम दबावों के बावजूद पुलिस प्रशासन ने संयम और संवेदनशीलता के साथ इस चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाया।

संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, डीजीपी तदाशा मिश्रा, रांची एसएसपी राकेश रंजन सहित पूरे पुलिस महकमे के प्रयासों की सराहना करते हुए अपहरण में शामिल पूरे गिरोह पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

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