Chaibasa : आदिवासी हो समाज महासभा भवन में शहीद बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष को लेकर आयोजित सांस्कृतिक प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को रविवार को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर युवाओं में सांस्कृतिक जागरूकता और विरासत के प्रति गौरव की भावना को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
मालूम हो कि शहीद बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती वर्षगांठ के उपलक्ष्य में जिला स्तर पर आयोजन समिति ने पूरे वर्ष विभिन्न स्थानों पर स्कूल, कॉलेज, गांव एवं मोहल्लों में विविध कार्यक्रम आयोजित किए थे। 30 नवंबर को चाईबासा के हो महासभा हॉल में एक भव्य सांस्कृतिक प्रतियोगिता समारोह का आयोजन किया गया था।
इसमें जिले भर से लगभग एक हजार छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया था। रविवार को आयोजित विशेष समारोह में इन प्रतियोगिता के सभी विजेताओं को सम्मानित किया गया। उन्हें प्रोत्साहन प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में कोल्हान विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मीनाक्षी मुंडा उपस्थित रहीं। अन्य प्रमुख अतिथियों में जिले के प्रसिद्ध क्रीड़ा प्रशिक्षक श्यामल दास, पैरा लीगल वॉलंटियर परवीन सुल्ताना, समाजसेवक राहुल तिवारी, सरायकेला-खरसावां जिले की सामाजिक कार्यकर्ता लिली दास, महिला नेत्री संतोषी महतो तथा ऐजाज हुसैन शामिल थे। डॉ. मीनाक्षी मुंडा ने अपने संबोधन में कहा, “वर्तमान पीढ़ी के छात्र-युवाओं में मानवीय मूल्यों, उन्नत विचारों एवं सकारात्मक रुचि को फैलाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन आवश्यक है।” उन्होंने झारखंड के वीरों के गौरवमय इतिहास तथा यहां की समृद्ध संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।
लिली दास ने कहा कि शहीद बिरसा मुंडा के सपनों का शोषण-मुक्त समाज बनाने के लिए सभी स्तरों पर प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने बिरसा मुंडा से अन्याय के विरुद्ध लड़ने की प्रेरणा एवं जज्बे को अपनाने का आह्वान किया।समारोह में सभी मुख्य अतिथियों ने विजेताओं को अपने हाथों से पुरस्कार प्रदान किए। इस वर्ष भर चलने वाले कार्यक्रमों के सफल समापन में समिति के जिला सह-संयोजक सगुन हांसदा, जयमुनी बारी, सुचित्रा बानरा सहित अन्य प्रमुख सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

