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JHARKHAND NEWS: राज्यपाल ने ‘झारखण्ड कोचिंग सेंटर विधेयक-2025’ को दी मंजूरी, जानें क्या फॉलो करना होगा संस्थानों को

by Vivek Sharma
RANCHI: झारखंड में कोचिंग सेंटर नियंत्रण एवं विनियमन विधेयक 2025 को राज्यपाल की मंजूरी। पंजीकरण, फीस, समय और जुर्माने के सख्त नियम लागू।
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RANCHI: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मंगलवार को झारखंड विधानसभा से पारित ‘झारखण्ड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक-2025’ पर अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह विधेयक राज्य में कोचिंग सेंटरों के पंजीकरण, नियंत्रण, विनियमन तथा न्यूनतम मानकों के निर्धारण का प्रावधान करता है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों के हितों की रक्षा, कोचिंग सेंटरों में नामांकित विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है। इस विधेयक को झारखंड विधानसभा से अगस्त में पास कराने के बाद राज्यपाल के पास भेजा गया था।

कोचिंग संस्थानों के कामकाज में आएगी पारदर्शिता

इस नए कानून के तहत राज्य में संचालित कोचिंग सेंटरों के पंजीकरण, नियंत्रण, विनियमन और न्यूनतम मानकों का स्पष्ट प्रावधान किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और कोचिंग संस्थानों के कामकाज में पारदर्शिता लाना है। यह कानून विशेष रूप से उन कोचिंग संस्थानों पर लागू होगा, जहां 50 से अधिक बच्चों का एडमिशन हैं।

कोचिंग में मेंटल हेल्थ काउंसेलर

विधेयक के अनुसार, कोचिंग सेंटरों को अब फीस संरचना, आधारभूत ढांचे, ट्यूटरों की जानकारी और संचालन प्रणाली को लेकर पूरी पारदर्शिता रखनी होगी। 1000 से अधिक विद्यार्थियों वाले कोचिंग सेंटरों में कम से कम एक मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाता की नियुक्ति अनिवार्य होगी, जो साल में न्यूनतम 200 दिन मुफ्त परामर्श उपलब्ध कराएगा। नए नियमों के तहत हर कोचिंग सेंटर को वेब पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कराना होगा। एक ही संस्थान के अलग-अलग कैंपस के लिए अलग रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा। फ्रेंचाइजी के जरिए संचालित कोचिंग सेंटरों में फ्रेंचाइजर और फ्रेंचाइजी, दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी तय की गई है।

16 साल से कम के एडमिशन में पैरेंट्स की सहमति जरूरी

कानून में छात्रों की उम्र को लेकर भी सख्त प्रावधान किए गए हैं। 16 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों का नामांकन उनके माता-पिता या अभिभावक की लिखित सहमति के बिना नहीं हो सकेगा। वहीं, 16 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक विद्यार्थी का वेब पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा और उन्हें सीईडी-आईडी नामक एक विशिष्ट पहचान संख्या दी जाएगी। कोचिंग संस्थानों के संचालन का समय सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक सीमित किया गया है। विद्यार्थियों के लिए बैठने की न्यूनतम जगह, जेंडर के अनुसार बुनियादी सुविधाएं, फीस और रिफंड पॉलिसी की जानकारी नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर देना अनिवार्य होगा।

दंड का किया गया है प्रावधान

नियमों के उल्लंघन पर कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। पहली बार उल्लंघन पर 5 लाख रुपये, दूसरी बार 10 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके बाद पंजीकरण रद्द कर कोचिंग सेंटर को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। इसके बावजूद संचालन जारी रहने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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