RANCHI: भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की स्विट्जरलैंड यात्रा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इस बार मुख्यमंत्री जी ने हद कर दी है। जमशेदपुर में टाटा की इकाई रांची से मात्र 135 किलोमीटर दूर है। लेकिन मुख्यमंत्री को टाटा समूह के साथ एग्रीमेंट करने के लिए 7000 किलोमीटर दूर स्विट्जरलैंड जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि वास्तविकता में यह मुख्यमंत्री जी की पर्यटन यात्रा है और उसको किसी तरीके से विनिवेश यात्रा का नाम दिया जा रहा है।
कांग्रेस के रंग में मुख्यमंत्री
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि यह भी सुनने में आ रहा है कि इंफोसिस के साथ भी मुख्यमंत्री कोई समझौता करने वाले हैं। इंफोसिस का मुख्यालय भी पुणे में है जो हवाई मार्ग से रांची से सिर्फ डेढ़ घंटे की दूरी पर है। अगर मुख्यमंत्री को इन कंपनियों से एग्रीमेंट करना था तो वह उन्हें निमंत्रण देते। ये कंपनियां खुद रांची आकर एग्रीमेंट करती। स्विट्जरलैंड जाने की क्या आवश्यकता थी। साथ ही कहा कि कांग्रेस के साथ चलते-चलते कांग्रेसी रंग भी धीरे-धीरे मुख्यमंत्री जी पर चढ़ने लगा है। प्रतुल ने कहा कि एक समय बड़ा मशहूर किस्सा हुआ करता था कि नेहरू जी के कपड़े धुलने भी पेरिस भेजे जाते थे विशेष विमान से। अब मुख्यमंत्री जी भी बगल में स्थित टाटा से एग्रीमेंट करने स्विट्जरलैंड जाने लगे हैं।
यहां की ईकाई पर फोकस नहीं
प्रतुल ने कहा कि इस प्रदेश में हजारों मध्य और लघु इकाई रुग्ण अवस्था में है। उन पर इस सरकार ने कभी फोकस नहीं किया। लेकिन विदेश से निवेश लाने जरूर चले गए। उन्होंने कहा कि इससे पहले मुख्यमंत्री जी वोल्वो के भी प्लांट लगाने की बात झारखंड में कर रहे थे। प्लांट लगाना तो दूर 9 महीने बाद वोल्वो का एक अधिकारी भी झारखंड अभी तक झांकने नहीं आया है। इस बार भी आश्चर्यजनक रूप से उद्योग मंत्री औद्योगिक निवेश लाने वाले सरकारी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं है।
READ ALSO: CHAIBASA: कांग्रेस पूरे दमखम के साथ लड़ेगी नगर निकाय चुनाव : डॉ प्रदीप

