Home » Chaibasa News : बंद के दौरान विस्फोटक सामग्री का प्रयोग करने पर पूर्व CM चंपई सोरेन सहित तीन आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप तय, अब चलेगा ट्रायल

Chaibasa News : बंद के दौरान विस्फोटक सामग्री का प्रयोग करने पर पूर्व CM चंपई सोरेन सहित तीन आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप तय, अब चलेगा ट्रायल

Chaibasa News : चाईबासा की एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही है सुनवाई

by Rajeshwar Pandey
Charges framed against former Jharkhand Chief Minister Champai Soren in Chaibasa bandh explosive case
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

चाईबासा : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और सरायकेला विधायक चंपई सोरेन मंगलवार को चाईबासा स्थित एमपी – एमएलए विशेष न्यायालय में तकरीबन 31 साल पुराने एक मामले में पेश हुए। इस मामले में अदालत ने चंपई सोरेन समेत तीन आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। सुनवाई के दौरान चंपई सोरेन ने कोर्ट के समक्ष खुद को निर्दोष बताया और मामले में ट्रायल का सामना करने की बात कही।

वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेश साव ने बताया कि गम्हरिया थाना कांड संख्या 62/1993 एक बेहद पुराना मामला है। मूल प्राथमिकी में कई लोग नामजद थे, लेकिन समय के साथ अधिकांश आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है। मृत आरोपियों में देव चरण गोस्वामी , डॉन, सोमय मोदी, जोगेश्वर टुडू, सनातन गोराई और देवपाल गोराई शामिल हैं। अब केवल चंपई सोरेन, श्याम नंदन टुडू और अरुण महतो ही इस केस में ट्रायल का सामना कर रहे हैं।

अधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि आरोपी श्याम नंदन टुडू को पूर्व में जमानत को लेकर तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। हालांकि, अब सेशन केस में अदालत ने उनकी पुरानी जमानत को प्रभावी रखने की अनुमति दे दी है।

बता दें कि यह मामला वर्ष 1993 में झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान हुए विस्फोट से जुड़ा है। अदालत ने चंपई सोरेन, श्याम नंदन टुडू उर्फ डॉक्टर टुडू और अरुण महतो के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 4, 5 और 6 के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता आईपीएस की धारा 120-बी और 201 के तहत आरोप तय किए हैं।

दर्ज मामले के अनुसार 18 सितंबर 1993 को मामला जेएमएम द्वारा आहूत झारखंड बंद से शुरू हुआ था। उस दिन बंद समर्थकों ने आंदोलन को उग्र बनाने के उद्देश्य से विस्फोटक पदार्थों का इस्तेमाल किया था। इसी घटना को लेकर गम्हरिया थाने में केस दर्ज किया गया था। आरोप तय होने के साथ ही मामले में विधिवत ट्रायल शुरू हो गया है। न्यायालय ने अब अभियोजन पक्ष को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अगली निर्धारित तिथि पर अपने गवाहों को अदालत में पेश करें, ताकि गवाही की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।

Read Also: Chaibasa News : चाईबासा नगर परिषद को मिला नया प्रशासक : IAS सिद्धांत कुमार ने बताई अपनी प्राथमिकताएं

Related Articles