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The Photon News Special : सरकार ने नहीं दी फूटी कौड़ी, फंड की कमी से बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति प्लांट अधूरा : Bagbera Water Plant

Jharkhand HIndi News : जल शक्ति राज्य मंत्री ने सांसद को दिया जवाब, साल 2028 तक पूरा करा लिया जाएगा निर्माण कार्य

by Mujtaba Haider Rizvi
Bagbera Water Plant
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Jamshedpur : जल जीवन मिशन में केंद्र सरकार द्वारा चालू वित्त वर्ष में अब तक झारखंड को फूटी कौड़ी नहीं दिए जाने की वजह से बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना में निर्माण कार्य ठप पड़ा हुआ है। साल 2024-25 के लिए केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के केंद्रांश मद में 2114.6 करोड़ रुपए का आवंटन किया था। लेकिन, केंद्र सरकार से झारखंड को इस मद में सिर्फ 70 करोड़ रुपए मिले। राज्य सरकार की तरफ से राज्यांश मद में जल जीवन मिशन योजना में 2.50 करोड़ रुपए ही पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को उपलब्ध कराए गए थे। कम रकम मिलने की वजह से बागबेड़ा जलापूर्ति योजना समेत राज्य की विभिन्न योजनाएं बाधित हुईं। यही नहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभी तक केंद्र और राज्य सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत कोई फंड नहीं दिया है। पैसे के अभाव में बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना का निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इससे बागबेड़ा के लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि इस साल भी गर्मी पानी के लिए हाहाकार करते ही बीत जाएगी।

Bagbera Water Plant : जल शक्ति राज्य मंत्री ने सांसद को दिया फंड रिलीज कराने का भरोसा

बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना का मुद्दा एक दिसंबर को सांसद विद्युत वरण महतो ने लोकसभा में उठाया था। जल शक्ति राज्य मंत्री वी सोमन्ना ने इसका लिखित जवाब सांसद विद्युत वरण महतो को सौंप दिया है। इस जवाब के अनुसार बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति प्लांट फंड की कमी के चलते अधूरा पड़ा हुआ है। जल शक्ति मंत्री ने कहा है कि उन्होंने झारखंड सरकार से बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना की पूरी रिपोर्ट मांग ली है। मंत्री ने कहा है कि फिलहाल राज्य सरकार को बोला गया है कि वह अपने स्रोत से इस योजना के काम को पूरा करने की कोशिश करे। जल्द ही केंद्र सरकार की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद फंड रिलीज किया जाएगा।

2014 में शुरू हुआ था वाटर प्लांट का निर्माण

गौरतलब है कि बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत वाटर प्लांट का निर्माण साल 2014 में शुरू किया गया था। योजना को 14 अक्टूबर 2014 को स्वीकृति मिली थी। बागबेड़ा व छोटा गोविंदपुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना को मिलाकर दोनों वाटर प्लांट 237.21 करोड़ रुपए में बनने थे।

साल 2020 में बंद हो गई नील निर्मल परियोजना

साल 2019 में छोटा गोविंदपुर का वाटर प्लांट बनकर तैयार कर दिया गया। लेकिन, बागबेड़ा जलापूर्ति योजना का सिर्फ 75% काम पूरा हो हुआ था। बाद में कार्यकारी एजेंसी से सरकार ने अपना इकरारनामा रद्द कर दिया था और 31 मार्च साल 2020 को नीर निर्मल परियोजना बंद हो गई थी।

Bagbera Water Plant : जल जीवन मिशन में शामिल किया गया बागबेड़ा का वाटर प्लांट

बाद में बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना को जल जीवन मिशन में शामिल कर दिया गया और 107.9 करोड रुपए की स्वीकृति दी गई। लेकिन साल 2025-26 में केंद्र सरकार की तरफ से फंड नहीं मिला। इसके चलते यह योजना अधर में लटकी हुई है। बागबेड़ा महानगर विकास समिति के सुबोध झा के नेतृत्व में इस योजना को पूरी करने के लिए कई बार आंदोलन चलाया गया। रांची पैदल यात्रा भी की गई।

हर साल होता रहा योजना पूरा करने का वादा

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों ने वादा किया कि साल 2024 में यह योजना पूरी कर दी जाएगी। बाद में कहा गया कि साल 2025 में योजना पूरी होगी। लेकिन अभी तक योजना में काम बाकी है। अभी तक काम पूरा नहीं हो सका है। इससे बागबेड़ा के लोगों को पिछले साल गर्मी में पानी नहीं मिला। इस साल फिर गर्मी में पानी नहीं मिलने की आशंका है। बागबेड़ा में गर्मियों में भयंकर जल संकट होता है। इसे लेकर ही सांसद विद्युत वरण महतो ने लोकसभा में मुद्दा उठाया था ताकि बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना का काम पूरा होने में जल्दी हो।

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