रांची : ग्रामीण सड़कों के निर्माण से जुड़े संवेदकों (ठेकेदारों) को बड़ी राहत मिली है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कार्य करने वाले ठेकेदारों का लंबित भुगतान अब जारी होना शुरू हो गया है। करीब छह माह से पेमेंट लंबित रहने के कारण संवेदक आर्थिक संकट का सामना कर रहे थे।
ग्रामीण कार्य विभाग अंतर्गत झारखंड स्टेट रूरल डेवलपमेंट अथॉरिटी के तहत संचालित परियोजनाओं में कार्य कर रहे संवेदकों को चरणबद्ध तरीके से भुगतान किया जा रहा है। विभागीय इंजीनियरों के अनुसार, केंद्र सरकार की ओर से अब राशि एसएनए ‘स्पर्श’ पोर्टल के माध्यम से सीधे जारी की जा रही है, जिससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी और सरल हो गई है।

अधिकारियों ने बताया कि पहले तकनीकी और वित्तीय प्रक्रियाओं के कारण भुगतान में विलंब हो रहा था। अब नई डिजिटल प्रणाली के लागू होने के बाद फंड ट्रांसफर में तेजी आई है। इससे कार्य पूर्ण कर चुके संवेदकों को शीघ्र भुगतान संभव हो पा रहा है। संवेदकों का कहना है कि काम पूरा करने के बावजूद लंबे समय तक भुगतान नहीं मिलने से उन्हें बैंक ऋण, मजदूरी भुगतान और सामग्री आपूर्ति में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कई बार ग्रामीण कार्य विभाग से भुगतान जारी करने का अनुरोध भी किया था।
विभागीय सूत्रों के अनुसार लंबित बिलों का सत्यापन कर प्राथमिकता के आधार पर भुगतान किया जा रहा है। उम्मीद है कि अगले कुछ सप्ताह में अधिकांश बकाया (करोड़ों की राशि) का निपटारा कर दिया जाएगा। बता दें कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को सर्व-ऋतु सड़क संपर्क से जोड़ना है। भुगतान प्रक्रिया सुचारु होने से न केवल संवेदकों को राहत मिलेगी, बल्कि ग्रामीण सड़क परियोजनाओं की गति भी तेज होने की संभावना है।

