चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड के सुरबुड़ा पंचायत के चार गांवों के करीब 300 राशन कार्डधारियों को तीन महीनों से अनाज नहीं मिला है। इस वजह से मंगलवार को आक्रोशित लाभुकों ने प्रखंड कार्यालय का घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लगद 15 किलोमीटर की दूरी तय कर सैकड़ों की संख्या में कार्डधारी प्रखंड कार्यालय परिसर पहुंचे और अपनी समस्या को लेकर नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को मांग पत्र सौंपकर शीघ्र राशन वितरण की मांग की।

कार्डधारियों ने बताया कि दिसंबर 2025, जनवरी 2026 तथा फरवरी 2026 माह का राशन उन्हें अब तक उन्हें नहीं मिला है, जबकि डीलर द्वारा पोस मशीन में लाभुकों का फिंगर प्रिंट लेकर पंचिंग कर ली गई है। लाभुकों का आरोप है कि सुरबुड़ा निवासी जन वितरण प्रणाली दुकानदार मनीलाल मेलगांडी द्वारा राशन वितरण में लापरवाही बरती जा रही है। इससे गरीब परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लाभुकों ने यह भी बताया कि घासीराम सुंडी के नाम से टैग राशन दुकान का संचालन वर्तमान में मनीलाल मेलगांडी द्वारा किया जा रहा है। लेकिन, दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक स्वर्गीय घासीराम सुंडी के लगभग 300 कार्डधारियों के बीच तीन माह का राशन वितरण नहीं किया गया है। इससे ग्रामीणों के बीच आक्रोश बढ़ता जा रहा है और कई परिवारों के सामने खाद्यान्न संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
घेराव के दौरान कार्डधारियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर बकाया राशन दिलाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इधर, कार्डधारियों की शिकायत सुनने के बाद प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी लाभुकों को एक साथ तीन माह का राशन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिला आपूर्ति पदाधिकारी को पत्राचार कर आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद आक्रोशित कार्डधारी शांत हुए और घेराव समाप्त कर अपने-अपने गांव लौट गए। हालांकि उन्होंने जल्द राशन वितरण की उम्मीद जताई। इस मौके पर हरिश्चंद्र गोप, शंकर गागराई, सिद्धेश्वर गागराई, गौर सिंह गागराई, सामु गागराई, रामराई केराई, सारजोम गागराई, सलुका भूमिज, रुईदास भुमिज, चैतन भूमिज, रायराम सुंडी, राकेश केराई, सोनाराम भूमिज, माइकल सुंडी, कुंवर सिंह केराई, रमेश सुंडी, मानी कुई गागराई आदि मौजूद रहे।

