Jamshedpur : साकची स्थित एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है और अपराधियों की समानांतर सरकार चल रही है। नगर निकाय चुनाव से सत्ता डर रही है, इसी वजह से बीते तीन वर्षों से चुनाव जानबूझकर लटकाए गए।

आदित्य साहू ने कहा कि सरकार की मंशा शुरू से ही नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव कराने की नहीं थी। भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य की 48 नगर निकायों में आंदोलन और प्रदर्शन कर सरकार को दबाव में लाया, जिसके बाद मजबूरन चुनाव कराने की घोषणा हुई। लेकिन आज भी सरकार की नीयत साफ नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 में दलीय आधार और ईवीएम से चुनाव हुए थे, लेकिन इस बार सरकार हार के डर से दलीय व्यवस्था और ईवीएम से भाग रही है। छह वर्षों में न शहरों का विकास हुआ और न ही गांवों का। 26 साल बाद बैलेट पेपर से चुनाव कराना लोकतंत्र को पीछे ले जाने जैसा है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार गुंडों और अपराधियों के सहारे चुनाव प्रभावित करना चाहती है। भाजपा ने चुनाव आयोग से केंद्रीय बलों की तैनाती और हर बूथ पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की थी, लेकिन सरकार इससे भी बच रही है।
उन्होंने चक्रधरपुर का जिक्र करते हुए बताया कि भाजपा प्रत्याशी विजय सिंह गागराई को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई है। पोस्टर लगाकर डराने का प्रयास हो रहा है और महिलाओं को भी प्रचार से रोकने के लिए धमकियां दी जा रही हैं।
आदित्य साहू ने वरिष्ठ आदिवासी नेता एवं पूर्व लोकसभा उपाध्यक्ष कड़िया मुंडा को मिली धमकी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आठ बार सांसद रहे झारखंड आंदोलन के ऐसे वरिष्ठ नेता भी सुरक्षित नहीं हैं, जबकि सरकार पूरी तरह मौन है।
उन्होंने दावा किया कि जमशेदपुर में उद्योगपति के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण मामले में भी भाजपा के आंदोलन और दबाव के कारण ही प्रशासन सक्रिय हुआ। अगर भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर नहीं उतरते, तो बरामदगी संभव नहीं होती। धुर्वा समेत कई अपहरण मामलों में सैकड़ों बच्चे अब भी लापता हैं।
प्रशासन को चेतावनी देते हुए आदित्य साहू ने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन अधिकारी स्थायी नहीं होते। प्रशासन टूलकिट न बने और निष्पक्ष चुनाव कराए, अन्यथा पक्षपात करने वाले अधिकारियों को न्यायालय तक ले जाया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा समर्थित प्रत्याशी 4800 सीटों पर जीत दर्ज करेंगे। यह चुनाव झारखंड की “युवा विरोधी, महिला विरोधी, व्यापारी विरोधी और आदिवासी-मूलवासी विरोधी” सरकार के खिलाफ जनादेश साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ नगर निकाय चुनाव नहीं, बल्कि लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है।
प्रेस वार्ता में जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो, झारखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी, प्रदेश मंत्री नंदजी प्रसाद, महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा, जदयू पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी प्रेम झा और जदयू प्रवक्ता आकाश शाह मौजूद रहे।

