Jamshedpur : देश के प्रतिष्ठित मैनेजमेंट संस्थानों में शामिल एक्सएलआरआई (जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक अहम पहल की है। संस्थान ने ग्लोबल टेक कंपनी सेंटिफिक ग्लोबल टेक्नोलॉजीज के साथ एक एमओयू पर दस्तखत किए हैं। यह करार 4 फरवरी को हुआ। इसका मकसद मैनेजमेंट की पढ़ाई को एआई और रियल-वर्ल्ड बिजनेस प्रैक्टिस से जोड़ना है।

इस साझेदारी के जरिए एक्सएलआरआई के छात्रों को सिर्फ क्लासरूम तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें एआई से जुड़ी बिजनेस चुनौतियों और उनके समाधानों से रूबरू कराया जाएगा। ऐसे समय में जब भारत समेत पूरी दुनिया में एआई जॉब्स और बिजनेस मॉडल को तेजी से बदल रहा है, यह करार भविष्य के प्रबंधकों को नई सोच और आधुनिक स्किल्स से लैस करेगा।
सेंटिफिक है ग्लोबल एआई कंपनी
सेंटिफिक एक ग्लोबल एआई और जनरेटिव एआई स्पेशलिस्ट कंपनी है, जो माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ काम कर चुकी है। एक्सएलआरआई के साथ उसकी यह साझेदारी एआई रिसर्च, कंसल्टिंग, एग्जीक्यूटिव ट्रेनिंग और इंडस्ट्री एंगेजमेंट पर केंद्रित रहेगी।
करार के तहत कई खास पहल होंगी। सीएक्सओ लीडरशिप टॉक सीरीज के जरिए दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के सीईओ और लीडर्स एक्सएलआरआई के छात्रों से सीधे संवाद करेंगे। वह भी कैंपस में या वर्चुअल माध्यम से। इसके अलावा छात्र रियल-वर्ल्ड केस स्टडीज पर काम करेंगे, जहां वे देख सकेंगे कि एआई के जरिए कंपनियों ने लागत कैसे घटाई और नई मार्केटिंग रणनीतियां कैसे तैयार की जाती है।
प्रोफेशनल्स के लिए एग्जीक्यूटिव ट्रेनिंग प्रोग्राम भी होंगे शुरू
कामकाजी प्रोफेशनल्स के लिए एग्जीक्यूटिव ट्रेनिंग प्रोग्राम भी शुरू किए जाएंगे। इनमें एआई आधारित वर्कशॉप और कोर्स शामिल होंगे। इससे डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के दौर में प्रोफेशनल्स खुद को अपडेट रख सकेंगे। साथ ही, दोनों संस्थान मिलकर ऐसे लीडर्स तैयार करेंगे जो बिजनेस में एआई के प्रभावी इस्तेमाल में माहिर हों। ये छात्रों को बेहतर प्लेसमेंट और करियर के अवसर मिल सकें।
एमओयू के मौके पर एक्सएलआरआई की ओर से प्रो. कनगरराज अयालुसामी, कन्वीनर कॉर्पोरेट रिलेशंस ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। सेंटिफिक की ओर से लक्ष्मी नरसिम्हन रंगाचारी, जनरल मैनेजर इंडिया और पूजा माइकल एंथनी, एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट मौजूद रहीं। इस अवसर पर प्रो. राहुल शुक्ला, चेयरपर्सन एडमिशन, प्रो. हर्षित कुमार सिंह, प्रो. फरहीन फातिमा शेख समेत कई फैकल्टी सदस्य भी उपस्थित थे।
इस करार को खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि एक्सएलआरआई पहले से ही एआई और टेक्नोलॉजी पर फोकस कर रहा है, लेकिन किसी ग्लोबल एआई कंपनी के साथ यह उसका पहला बड़ा एमओयू है। अनुमान है कि 2025 से 2030 के बीच भारत में एआई से जुड़ी नौकरियों में 20 लाख से अधिक की बढ़ोतरी होगी। ऐसे में एआई-ड्रिवन मैनेजमेंट स्किल्स से लैस एक्सएलआरआई के छात्र आने वाले समय में इंडस्ट्री में मजबूत नेतृत्व भूमिका निभा सकेंगे।

