Jamshedpur : जमशेदपुर में नवरात्रि पूजा पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हो गई। नौ दिनों तक श्रद्धालु मां दुर्गा की भक्ति में लीन रहे और जवारा व अखंड ज्योति की पूजा-अर्चना की। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ जौ बोया जाता है, जिसे जवारा कहा जाता है। यह जवारा मां दुर्गा की कृपा और जीवन में सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
पूरे नौ दिनों तक भक्त अखंड ज्योति जलाकर माता का आह्वान करते हैं और नियमित रूप से पूजा करते हैं। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। नवरात्रि के अंतिम दिन शहर के विभिन्न क्षेत्रों में ज्वारा विसर्जन किया गया। जगह-जगह विसर्जन यात्राएं निकाली गईं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों और “जय माता दी” के जयकारों के बीच भक्तों ने श्रद्धा भाव से ज्वारा का विसर्जन किया और मां दुर्गा से सुख-समृद्धि की कामना की।
कदमा में 50 वर्षों से जारी कन्या पूजन की परंपरा
जमशेदपुर के कदमा स्थित मंगल सिंह क्लब में नवमी के दिन पारंपरिक रूप से कन्या पूजन किया गया। क्लब के संरक्षक मुन्ना सिंह द्वारा 9 कन्याओं का पूजन कर उन्हें प्रसाद, उपहार और दक्षिणा देकर सम्मानित किया गया। यह परंपरा पिछले लगभग 50 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है। क्लब के संरक्षक ने बताया कि उनके पिता के समय से ही यह आयोजन होता आ रहा है और हर वर्ष पूरे श्रद्धा भाव से नवरात्र का समापन कन्या पूजन के साथ किया जाता है।
बिरसानगर में बजरंगबली मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा
बिरसानगर के मोहरदा स्थित आशु कॉलोनी में मंदिर नवनिर्माण कमेटी द्वारा नवमी के अवसर पर बजरंगबली मंदिर में प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके साथ ही संध्या समय में सुंदरकांड पाठ और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के सहयोग से बने इस मंदिर में आगे और देवताओं की स्थापना की योजना है। कमेटी के संरक्षक विजय दी लामा ने बताया कि आने वाले समय में मंदिर का और भव्य स्वरूप देखने को मिलेगा।

