

जमशेदपुर : पैथोलॉजी कंपनी मेडॉल ने सोमवार को 15 से अधिक कर्मचारियों से रिजाइन लिया गया। इससे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करें? इस दौरान उन्होंने सबसे पहले रिजाइन दिया। इसके बाद हंगामा भी किया। दरअसल, कोल्हान के सभी सरकारी अस्पतालों में मेडॉल कंपनी द्वारा पीपीपी मोड पर पैथोलॉजी सेंटर संचालित किया जाता है। इसमें एमजीएम, परसुडीह स्थित सदर अस्पताल, चाईबासा स्थित सदर अस्पताल व सरायकेला-खरसावां स्थित सदर अस्पताल प्रमुख रूप से शामिल हैं।

एमजीएम से आठ, चाईबासा से चार व सरायकेला सदर अस्पताल से तीन कर्मचारियों को रिजाइन लिया गया है। कर्मचारियों ने कहा कि कंपनी की ओर से उन्हें धमकी भी दी गई कि अगर वे रिजाइन नहीं किए तो उन्हें काम से जबरदस्ती हटा दिया जाएगा। कर्मचारियों के हटने से पैथोलॉजी सेंटर में काम-काज ठप हो गया। वहीं, मेडाल कंपनी के जोनल मैनेजर अभिजित गौंड ने बताया कि उनकी कंपनी लगातार घाटे में चल रही है। उनके पास कर्मचारियों को वेतन देने का भी पैसा नहीं है। वहीं, विभाग द्वारा भी सहयोग नहीं किया जा रहा है। एमजीएम में लगभग 16 करोड़ रुपये बकाया है लेकिन उनके द्वारा बिल नहीं दिया जा रहा है। इसी तरह और भी अस्पतालों में बकाया है।

